केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज डयूटी में कमी करके महंगाई से राहत देने की कोशिश की है। वाकई में इस कदम का कितना असर होगा है, यह एक से दो सप्ताह बाद स्पष्ट होगा। हालांकि पांच रुपये पेट्रोल और 10 रुपये प्रति लीटर डीजल के रेट में कमी आने पर आम जनता को तो सीधे राहत मिलने लगेगी। मगर माल-भाड़ा में कमी आने के आसार नहीं हैं।
दिवाली के दिन कानपुर में पेट्रोल की कीमत 5.90 रूपये घट कर 100.72 रूपये प्रति लीटर हुई। वहीं डीजल की कीमत में 11.78 रुपए प्रति लीटर की कमी के बाद नई कीमत 86.78 रूपये प्रति लीटर है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल और पेट्रोल के दाम इतने बढ़ा दिए गए हैं कि पांच और 10 रुपये की कमी के बावजूद कीमतें कम नहीं लगतीं। बीते काफी समय से ट्रांसपोर्ट डीजल के दाम बढ़ने के बावजूद कम दर पर भाड़ा ले रहे थे।
इस वजह से फिलहाल कमी की गुंजाइश नहीं है। कानपुर के उद्यमी, ट्रांसपोर्टरों और व्यापार संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार को महंगाई कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। राज्य सरकार डीजल व पेट्रोल से वैट कम करे तो जरूर दाम नियंत्रित हो सकते हैं।
