रसूलाबाद के चाचे असालतगंज गांव में मजदूर संतोष की हत्या टोना टोटका करने के शक में उसके ही भतीजे ने की थी। इस बारे में पुलिस को अहम सुराग मिला है। साथ ही हत्या में इस्तेमाल दो डंडे भी पुलिस को मिल गए हैं। हत्या में भतीजे के अलावा कई और लोग शामिल रहे जिनके बारे में जानकारी की जा रही है। संतोष की हत्या बेरहमी से पिटाई कर की गई थी। पोस्टमार्टम में इसका पता चला है और ज्यादा खून बह जाने से मौत हुई।
मजदूर संतोष सविता का शव शनिवार को गांव से दो किलो मीटर दूर मिला था। उनकी ही जैकेट से दोनों हाथ जामुन के पेड़ से बंधे थे। मामले में पुलिस ने चचेरे भाई मटरू और उसके पुत्र मोनू सहित गांव के चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था। मृतक की पत्नी डिपल ने मटरु, उसके पुत्र ज्ञान व मोनू, पुत्री आरती, पत्नी शन्नो देवी व भाई अरविद के विरुद्ध तहरीर दी थी। उसने बताया कि करीब एक माह पूर्व पड़ोस में रहने वाले उसके भतीजे मोनू की तीन वर्षीय पुत्री अनन्या की मौत हो गई थी। इसमें मोनू और उसके पिता मटरू ने उसके पति पर टोना टोटका करने का आरोप लगाया था। कुछ दिन बाद मोनू की पत्नी भी बीमार रहने लगी इसमें भी संतोष पर टोटका का आरोप लगाया था और रंजिश मानने लगे थे। घटना की समय कुछ लोगों ने मटरू के बड़े पुत्र ज्ञानू को खेतों से घर की ओर आते हुए देखा था। पुलिस को गांव के नाले से दो डंडे भी मिले हैं जिनमें खून लगा था। इसी से संतोष की मार मारकर हत्या की गई। पोस्टमार्टम में सीने की हड्डी टूटी मिली, फेफड़ा पंचर हो गया इसके अलावा गर्दन, पैर व हाथ में कई चोट मिली। अधिक खून बहने से उसकी जान गई। पुलिस ने ज्ञानू समेत अन्य को हिरासत में लिया है। ज्ञानू के खिलाफ अहम सुराग मिले हैं कि वह हत्या में शामिल था। बाकी कौन कौन लोग इसमें थे उनकी भूमिका की जांच हो रही। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि हत्या में अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही राजफाश किया जाएगा।
