गजनेर थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप संचालक रिटायर्ड जज से 12 हजार रुपये की ठगी के मामले में 24 घंटे बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पुलिस तहरीर न मिलने की बात कह रही है वहीं, रिटायर्ड जज का कहना है कि थाने में तहरीर दे चुके हैं। जज ने पेमेंट के लिए एक सिपाही का गूगल पे नंबर दिया था। ठगी करने वाले ने सेल्समैन के नंबर पर गालियां लिखकर मैसेज किया है।
सरवनखेड़ा स्थित निवेदिता पेट्रोल पंप संचालक रिटायर्ड जज ध्रुवराज के फोन पर सोमवार शाम 5 बजे किसी अज्ञात का फोन आया। उसने नागालैंड से ट्रांसपोर्टर अजय शर्मा नाम बताया। दो डंपर में 24 हजार कर डीजल डालने व चालकों को छह हजार नकद देने के लिए कहा। साथ ही उसने जज से गूगल पे नंबर मांगा, ताकि वह रुपये ट्रांसफर कर दे। उसकी बात पर भरोसा कर जज ने खुद गूगल पे न चलाने का हवाला दिया लेकिन उन्होंने पास में तैनात यूपी 112 वैन के सिपाही अब्दुल समद से बात की। वह तैयार हो गए तो उसे सिपाही का नंबर भेजा। इसमें 30 हजार रुपये डालने के कुछ ही देर बार शातिर ने 42 हजार निकाल लिए। इसमें 12 हजार रुपये सिपाही के खाते से उड़ा दिए। फोन करने पर उसका नंबर बंद मिला।
ठगी का एहसास होने पर मामले में रिटायर्ड जज ने थाने जाकर पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मामले में 24 घंटे बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। रिटायर्ड जज को ही पुलिस झूठा साबित करने लगी। इंस्पेक्टर गंगा सिंह यादव ने कहा कि तहरीर नहीं मिली है।
