संसार मे किसी को अपना मत बनाना, यहां कोई किसी का नहीं

महिला शिक्षा मंडल के 73वें अधिवेशन के दूसरे दिन आज 10 नवम्बर 2021 को सुश्री उषा खरे, कथा व्यास ने कथा अमृत की वर्षा करते हुए बताया कि बाबा शिव ने पार्वती को रामजन्म के अनेक हेतु है, जैसे नादर मोह, शाप, हरि को दो द्वारपाल जय विजय को शाप, जालन्धर शाप, राजा भानु प्रताप तथा मनु शपरूपा को वरदान आदि। शिव विवाह पर सुदर प्रकाश डाला। जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया।
वंदावन से पधारे स्वामी जगदीश्वरानंद ने बताया कि इंसान भगवान की माया से कम सांसारिक माया से ज्यादा परेशान है। नगर में संत आने पर नगर का भाग्य उदय होता है। जब संत सतगुरु याद करते है तो परम सौभाग्य होता है। संतों की बात ना मानने से दुःख होता है।
इंदौर से पधारे स्वामी नारायणानंद ने बताया कि नदी पार करने के लिये नौका पर इंसान अपनी मर्जी से बैठता है, नाव पर बैठने के बाद नाविक के निर्देशों का पालन करना पड़ेगा, ना मानने पर नाव डूब जाएगी।इसी तरह इस से संसार में सतगुरु वेद वचन पर विश्वास करना पड़ेगा, नहीं तो भवसागर से पार नहीं होगा।
संचालिका सुश्री सीता देवी ने सभी का आभार प्रकट करते हुये बताया कि मंडल अपना 73वां अधिवेशन मना रही है। ये महिलाओं की पहली संस्था है जो 72 वर्षों से लगातार महिलाओं के उत्थान के लिये अग्रसर है। मीरा गर्ग ने सफल संचालन किया।
इस अधिवेशन में मुख्य अथिति के रूप में सासंद मा0 सत्यदेव पचौरी के साथ अन्य गणमान्य लोगों में रामकपूर, ज्योति गुप्ता, सीमा अग्रवाल, मीना गर्ग, निधि, मधु, कु0 काजल, योगिता, राजेन्द्र गुप्ता, सूरजपाल, अनिल त्रिपाठी, चंदन अवस्थी आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *