कड़ी सुरक्षा में बसपा नेता अनुपम दुबे को कोर्ट में किया गया पेश, अभियोजन ने पेश किए गवाह, अब 23 को होगी सुनवाई
फर्रुखाबाद में पीडब्ल्यूडी ठेकेदार शमीम खान व इंस्पेक्टर रामनिवास यादव की हत्या के आरोप में मैनपुरी जिला जेल में बंद बसपा नेता अनुपम दुबे को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में लाकर न्यायालय में पेश किया। अभियोजन की ओर से दो गवाह न्यायालय में पेश किए गए। एक गवाह की गवाही पूरी होने के बाद जिरह की गई। दूसरे गवाह से बचाव पक्ष के अधिवक्ता की जिरह जारी है। जनपद न्यायालय चवन प्रकाश ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 23 नवंबर की तिथि नियत की है।
जनपद कन्नौज कोतवाली गुर सहायगंज के कस्बा समधन निवासी ठेकेदार शमीम खान की 26 जुलाई 1995 को फतेहगढ़ में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता अनुपम दुबे, मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव सहसापुर निवासी कौशल किशोर दुबे, लक्ष्मी नारायन दुबे व जनपद इटावा थाना इकदिल के गांव मानिकपुर निवासी बालकिशन उर्फ शिशु के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। कौशल किशोर व लक्ष्मी नारायन की मौत हो चुकी है। गुरुवार को बसपा नेता अनुपम दुबे व बालकिशन उर्फ शिशु के खिलाफ अभियोजन पक्ष की ओर से पंचनामा भरने वाले दारोगा व सिपाही को पेश किया गया। मुकदमे के गवाह इतेंद्र कुमार की गवाही पूरी होने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह चौहान ने कई सवाल पूछे। पंचनामा भरने वाले दारोगा की ओर से पुलिस माल प्रस्तुत नहीं कर पाई। इस पर गवाही रोकते हुए जनपद न्यायाधीश ने 23 नवंबर की तिथि नियत कर मुकदमे के संपूर्ण साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि अभी जिरह जारी है। जिला शासकीय अधिवक्ता सुदेश प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस को मुकदमे से संबंधी सभी साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश न्यायालय द्वारा जारी कर दिए गए हैं। नियत तिथि पर संपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत कराए जाएंगे।
