हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं, हमें सिर्फ अंग्रेजी दिखाई देती हैं हिंदी नहीं

जेल प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर,सटीक बैठता हिंदी फ़िल्म शोले का चर्चित डायलॉग हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं, हमें सिर्फ अंग्रेजी दिखाई देती हैं हिंदी नहीं। कानपुर महानगर में बदल चुके 2 जिलाधिकारी, लेकिन जिला जेल प्रशासन नहीं मानता, आज भी बोर्ड पर लिखा पूर्व में जिलाधिकारी रहे डॉ. ब्रह्मदेव तिवारी का नाम।प्रतीक्षालय में लगे बोर्ड पर जिलाधिकारी का नाम गलत, रोज पड़ती है लोगों की नज़र लेकिन जिला जेल प्रशासन बेखबर। ग्लोसाइन बोर्ड वाली जगह (प्रतीक्षालय) के ठीक सामने है जेल सुपरइंटेन्डेंट का बंगला, बड़े बड़े अक्षरों में लिखे जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के गलत नाम को नहीं बदलवा सके जिम्मेदार। लापरवाह जेल प्रशासन के हिसाब से कानपुर के जिलाधिकारी आज भी ब्रम्हदेव तिवारी, बोर्ड देख भ्रमित होते प्रतीक्षालय में बैठे लोग।प्रतीक्षालय के पास से निकलने वाले या यहां बैठे जागरूक लोग लेते कानपुर जेल प्रशासन की मौज, जिलाधिकारी के गलत नाम की चर्चा करते खूब उड़ाते खिल्ली।अपनी ही साख पर बट्टा लगवाती जेल प्रशासन की लापरवाही, कानपुर के डीएम ब्रह्मदेव राम तिवारी के बाद बदल चुके दो डीएम, जेल जिम्मेदार नहीं बदलवा पाए नाम, घोर लापरवाही से हंसी के पात्र बनते अधिकारी।

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