रूरा थाना मैदान में चल रहे धार्मिक आयोजन के छठवें दिन सीता और राम जैसे आदर्श व संस्कारवान संतान प्राप्त करने के लिए महिलाओं को सुनयना व कौशल्या जैसा आचरण व व्यवहार करने की आवश्यकता है। यह बातें चित्रकूट धाम से आए कामदगिरि पीठाधीश्वर राम स्वरूपाचार्य महाराज ने राम व सीता नाम की महिमा का बखान करते हुए कही।
उन्होंने बताया कि भगवान की बेहद कृपा है कि हमें मानव शरीर मिला हुआ है, यह कृपा बराबर बनी रहे इसके लिए राम नाम स्मरण करते रहना होगा। घर में ज्यादा प्रेम करने वाले बालक का जिस तरह से हम बार-बार नाम लेते हैं ठीक इसी प्रकार ईश्वर से सर्वाधिक प्रेम के लिए हर वक्त नाम लेते रहना चाहिए, जिससे सुख समृद्धि के साथ जीवन का कल्याण हो जाएगा। उन्होंने प्रभु के अलावा गुरु, माता, पिता व धार्मिक ग्रंथों की महिमा को बताया और अशोक वाटिका में सीता व हनुमान जी के समुद्र पार करने की कथा सुनाई। पंडाल में बैठी महिलाओं व बच्चों को धार्मिक, संस्कारवान का महत्व बताया। अयोध्याधाम के श्रीमद्भागवत कथावाचक शशि भूषण महाराज ने गोवर्धन कथा का रसपान श्रोताओं को कराया। उज्जैन के कपिल कुमार शर्मा ने भरत चरित्र के माध्यम से श्रोताओं का मार्गदर्शन किया। सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी, रविशशि दुबे, मंगलामुखी, नेहा तिवारी ने कामदगिरि पीठाधीश्वर का माला व अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। रजोल शुक्ला, शरद शुक्ला, संजय दुबे, रामबाबू, प्रमोद लमहरा, वंशलाल सेंगर, विनोद सक्सेना मौजूद रहे।
