चित्रकूट मैं प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट का विकास मामा (मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहा,न) नहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही करेंगे, क्योंकि मामा जी तो काम कम लालीपाप ज्यादा देते हैं। समग्र विकास के लिए उप्र व मप्र क्षेत्र के चित्रकूट का 84 कोस यूपी को सौंप देना चाहिए, क्योंकि योगी सरकार ने बुंदेलखंड और चित्रकूट की तस्वीर बदल दी है। कहा कि अगर ऐसा न हो सके तो दिल्ली की तरह इसे केंद्रशासित राज्य का दर्जा देकर केंद्र सरकार और बेहतरी लाए। चित्रकूट में नई गाथाका शुभारंभ करते हुए सोमवार को जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहीं।
उन्होंने प्रदेश सरकार के कामकाज की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के साथ जुगलबंदी करके अच्छे काम किए हैं। चित्रकूट तीर्थक्षेत्र विकास परिषद का गठन हो रहा, जिसके अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री योगी हैं। इससे बड़े बदलाव आएंगे। बोले, चित्रकूट न होता तो शायद भगवान श्रीराम राजा न बनते। इसलिए मुख्यमंत्री योगी यहां का भरपूर विकास करा रहे हैं। साथ ही जगद्गुरु ने बुंदेलखंड के अब तक पिछड़े रहने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराया।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्विद्यालय के अष्टावक्र सभागार में आयोजित जागरण विमर्श के दौरान उन्होंने तीन विकल्प दिए। कहा कि चित्रकूट को या तो मध्य प्रदेश को दे दें या उत्तर प्रदेश ले ले, लेकिन मामा जी से काम नहीं होगा, इसलिए यूपी का आधिपत्य ही ज्यादा बेहतर है। केंद्रशासित राज्य में 84 कोस को शामिल कर तीर्थों तक परिवहन व्यवस्था करें, जिससे आसानी से श्रद्धालु व पर्यटक आ-जा सकें। कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। कहा कि ‘सोनिया महारानी क्या करेंगी उन्होंने तो खूब बर्बादी की है। तंज कसा कि ‘बिल्ली का पंजाब अब भारत में फिर नहीं उठेगा। उन्होंने बुंदेलखंड व चित्रकूट के लोगों को भी मानसिकता बदलने की नसीहत दी। कहा ‘गोली मार देइहौं की सोच छोडऩी होगी। गोली मारोगे तो क्या होगा, अब अफसर बच्चे देश को दीजिए। गोवध बंद होगा। हिंदी राजभाषा बनेगी। चित्रकूट देश की आध्यात्मिक राजधानी होगी। चित्रकूट के उत्कर्ष के लिए संघर्ष करिए।
उद्घाटन सत्र की अतिथि केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि दो प्रांतों के कारण चित्रकूट का विकास पिछड़ा है। अयोध्या व वाराणसी की तरह यहां विकास कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक बात पहुंचाने का काम करूंगी। वर्तमान में देश स्वर्णिम स्थिति में है। इस युग में हम कुछ नहीं कर पाए तो फिर कभी नहीं होगा।
इसके बाद प्रथम सत्र में लोक निर्माण राज्यमंत्री चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय, बांदा सांसद आरके सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को विकास की रीढ़ बताया तो डिफेंस कारिडोर व प्रदेश के पहले टेबल टाप एयरपोर्ट समेत विभिन्न विकास के पहलुओं से बुंदेलखंड में रोजगार व पर्यटन की संभावनाएं बढऩे की बात कही। सभी ने और बेहतरी लाने का संकल्प लिया। दूसरे सत्र में धार्मिक पर्यटन, आस्था के साथ यहां 84 कोस तक के तीर्थस्थलों में परिवहन इंतजाम की वकालत हुई। वाल्मीकि आश्रम के महंत भरतदास, चित्रकूट संत समाज के अध्यक्ष दिव्य जीवन दास आदि ने तीर्थ क्षेत्र में आए बदलावों की सराहना की। तीसरे सत्र में बेसहारा गायों को लेकर बुंदेलखंड में हुए कामों व बाकी काम पूरे कराने का संकल्प प्रदेश के गोसेवा आयोग के सदस्य कृष्ण कुमार सिंह भोले ने लिया। कहा, कान्हा गोशालाएं तस्वीर बदल रही हैं। बुंदेलखंड में स्वास्थ्य व ग्रामीण शिक्षा में बेहतरी की गूंज उठी। चौथे सत्र में चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में डकैतों का अंत होने के मुद्दे पर एएसपी चित्रकूट शैलेन्द्र कुमार राय ने कहा, अब भयमुक्त वातावरण बना है। विकास कार्यों में तेजी आई है। भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे ने पेयजल, सड़कों को लेकर हुए कार्यों संग जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुंचाने की उपलब्धि गिनाई। समापन सत्र में चित्रकूट की जनता के डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल व एसपी धवल जायसवाल के साथ संवाद ने तरक्की की नई राह दिखाई। लोगों ने संकल्प लिया कि मंदाकिनी में पत्तों तक से गंदगी न डालेंगे। पर्यटन विकास, धार्मिक स्थलों तक परिवहन के इंतजाम आदि मुद्दे चर्चा में रहे। इससे चित्रकूट के समग्र विकास का रोडमैप तय होता दिखा।
15 दिसंबर को चित्रकूट में होगा हिंदू एकता महाकुंभ, जुटेंगे पांच लाख लोग :
जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने बताया कि 15 दिसंबर को चित्रकूट में हिंदू एकता महाकुंभ होगा। इसकी अध्यक्षता वह खुद करेंगे, संघ प्रमुख मोहन भागवत मुख्य अतिथि होंगे। देश भर से संत-महंतों समेत पांच लाख लोग रहेंगे। बोले-पंथ अनेक हों, हम सब हिंदू एक हों। चित्रकूट के विकास का संकल्प लिया है। महाकुंभ नई लकीर खींचेगा।
