रसूलाबाद क्षेत्र के विकास नगर में कब्रिस्तान के लिए सुरक्षित भूमि पर कुछ लोगों के कब्जा किए जाने के विरुद्ध दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर नगर पंचायत ने पुलिस बल के साथ जाकर कब्जा हटवाया। इसके अलावा सीमांकन कर मेड़ बनवा दी गई है, जिससे दोबारा ऐसा न हो सके। इस दौरान कुछ महिलाओं ने वहां विरोध किया तब महिला पुलिस को बुलाकर उन लोगों को भगाया गया।
14 नवंबर को विकास नगर के बच्ची ने शिकायत कर कहा था कि मेरे पिता मेहंदी हसन के शव को लेकर जब कब्रिस्तान में गया व कब्र खोद रहे थे तो पड़ोस में रहने वाले लाल मोहम्मद, उनके पुत्र अनीश और उनके घर की औरतों ने लाठी-डंडे लेकर उन्हें दौड़ा लिया। खोदी गई कब्र को मिट्टी से पूर दिया। नए कब्रिस्तान में उन लोगों ने कब्जा कर रखा है, इससे लोग परेशान हैं। तब विवश होकर उन लोगों ने शव को पुराने कब्रिस्तान में दफनाया था। उस समय विकास नगर निवासी बच्ची, नसीर मोहम्मद, भुन्नू, उमर मोहम्मद , तुन्ना, शहाबुद्दीन, साबिर हुसैन, कफील अहमद, हफीज अहमद, मोहम्मद यूनुस मंसूरी, जाकिर, बदरुद्दीन समेत अन्य ने पुलिस व एसडीएम से शिकायत की थी। शिकायत कर्ताओं की बात सुनकर एसडीएम जीतेंद्र कटियार ने उस समय क्षेत्रीय लेखपाल के आने पर कब्रिस्तान की जमीन को चिन्हित कर सुरक्षित करवाने का आश्वासन उन लोगों को दिया था। इसके बाद मंगलवार को नगर पंचायत के अधिकारी, क्षेत्रीय लेखपाल और पुलिस बल मौके पर गया। कब्जा हटाने के दौरान महिलाओं ने हंगामा किया तो पुलिस ने डपट कर उन्हें खदेड़ा। इसके बाद बुलडोजर से कब्जा हटाया गया।
