बैंक बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरशन की भारत यात्रा आज

कानपुर l बैंक बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरशन की भारत यात्रा आज दिनाक 28 नवम्बर 2021 को कानपुर में श्याम नगर स्थित भगवती पैलेस पहुँची,जिसका संचालन आज कानपुर मंडल के भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के मुख्य क्षेत्रीय सचिव अरविंद द्विवेदी ने किया, उन्होंने बताया कि जन जागरण अभियान के तहत बैंकों के निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में लोगो को जागरुक करते हुए कोलकाता से शुरू होकर ये यात्रा धनबाद पटना वाराणसी इलाहाबाद लखनऊ के बाद आज कानपुर पहुची हैऔर आगरा होते हुए 30 नवम्बर को दिल्ली पहुचेगी ,इसके बाद दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्य्क्षता ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन के महासचिव कोलकाता से आये सौम्या दत्ता ने की,उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि ये यात्रा अपने आप मे अद्भुत है जिसके जरिये हम देश की जनता को निजीकरण के खिलाफ अभियान में अपने साथ जोड़ रहे है, देश की जनता का लगभग 70 प्रतिशत पैसा राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा है जो सिर्फ सरकारी गारंटी की वजह से है, और बैंक निजी होने की दशा में इन पैसों की सुरक्षा की गारंटी खत्म हो जाएगी, इसके अतिरिक्त सरकारी मापदण्ड के अनुरूप कुल ऋण का 40 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसानों, सूक्ष्म और लघुउद्योगों,स्वयं सहायता समूह, अनुसूचित जाती जनजाति जैसे तबकों को जाना चाहिए जिनको ऋण देने से निजी बैंक हमेशा से ही कतराते रहे है और इन लोगो का एक मात्र सहारा सरकारी बैंक ही है, बैंकों के निजीकरण से कम आय,गरीब और ग्रामीण क्षेत्रो के लोग एक तरह से बैंकिंग सेवाओ से वंचित हो जायेगे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिन जन धन खातों की हर सम्मेलन में तारीफ करते है उन 44 करोड़ खातों में 97% सरकारी बैंकों में ही खुले है औऱ बैंकों के निजीकरण की दशा में खातों की न्यूनतम जमा राशि ज्यादा होने पर ये सब खाते बन्द हो जायेगे इसके अतिरिक्त बैंकों के निजी होने की दशा में लोन डिफॉल्टर और धोखेबाजों को बढ़ावा मिलेगा,हाल में ही लगभग 40 निजी बैंक दिवालिया हुए है जिसमे यस बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक, डीएचएफएल मुख्य है और इसमें लोगो की जमा राशि पर अभी भी संकट बना हुआ है, प्राइवेट बैंकों की विफलता देश मे बैंकों के राष्ट्रीयकरण के प्रमुख कारणों में से एक थी, बैंकों का निजीकरण एक बार पुनः देश को आर्थिक रूप से पीछे धकेल देगा।

आज की सभा मे मुख्य रूप से आइबोक के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन कुमार, गिरधर गोपाल, अर्थशास्त्री प्रसन्न जीत,इनकम टैक्स अधिकारी संघ के महासचिव राघवेंद्र सिंह,आयकर अधिकारी संघ यूपी के महासचिव अरविंद त्रिवेदी,भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के अध्य्क्ष श्याम सुंदर भाटिया,सारांश श्रीवास्तव,AIBOC कानपुर यूनिट के उपाद्यक्ष अंकित अवस्थी, सौरभ यादव,यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सचिव प्रवीण मिश्रा ,विकास बाजपेई, इंडियन बैंक के ईशान द्विवेदी,कौशलेंद्र पांडेय,पंजाब नेशनल बैंक के राज कुमार,अतुल सक्सेना,सेंट्रल बैंक से राजीव निगम और सत्येंद्र त्रिपाठी आदि रहे

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