गंगा लिंक एक्सप्रेस वे इनर सर्किल रोड़ के निर्माण से बदल जाएगी शहर की सूरत।

कानपुर l गंगा लिंक एक्सप्रेस वे इनर सर्किल रोड परियोजना की उपयोगिता को देखते हुए इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट वनाए जाने के लिए पू र्व प्रस्तवित एलाइनमेंट का मौके पर जाकर आयुक्त डॉक्टर राजशेखर ने आज पुनः सर्वेक्षण किया पर
परियोजना का अधिक से अधिक लाभ मिल सके इसके लिए सभी विभागों से इनपुट मिल सके इस हेतु भ्रमण के दौरान पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी, उपाध्यक्ष के डी ए, पुलिस उपायुक्त यातायात, अपर नगर आयुक्त,समन्वयक नीरज श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता लोकनिर्माण एवं के डी ए के अतिरिक्त आई आई टी के अधिकारी साथ रहे।
भ्रमण से पूर्व आयुक्त कैम्प कार्यालय में परियोजना के संदर्भ में नीरज श्रीवास्तव ने प्रेजेंटेशन के द्वारा इसकी उपयोगिता तथा महत्व की विस्तृत जानकारी दी,। यह परियोजना मुख्य रूप से नगर के आंतरिक क्षेत्रों के सुगम यातायात के लिए वर्ष 2018 में नीरज श्रीवास्तव ने आई आई टी कानपुर के सिविल विभाग से इसका अध्ययन करवा कर इसका अलाइनमेंट बनवाया था।
जो मुख्य सचिव को प्रस्तवित की गयी जिसमे मुख्य सचिव ने बैठक कर इसकी सैद्धान्तिक सहमति दी थी।
डॉ राजशेखर कानपुर के विकास के लिए हर उस दूरगामी योजना को मूर्त रूप देना चाहते है जिससे शहर का स्वरूप महानगर जैसा दिखने वाला हो और नगर की सबसे बड़ी समस्या आंतरिक क्षेत्रों के यातायात को सुगम बनाने वाला हो, इस परियोजना के निर्माण से शहर का यातायात तो सुगम होगा साथ ही गंगा बैराज क्षेत्र में स्थापित होम वाली बड़ी परियोजनाओं के लिए कानपुर शहर के 6 स्थानों से सीधी कनेक्टिविटी भी हो जाएगी। इसी को देखते हुए उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं परिवहन मंत्रालय के अपर सचिव श्री अमित घोष से अनुरोध करते हुए श्री नीरज श्रीवास्तव को व्यक्तिगत रूप से उनके पास भेजकर इसका प्रेजेंटेशन कराया था जिसपर अपर सचिव ने परियोजना की डी. पी. आर बनाये के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा। इसी क्रम में आज प्रस्तवित अलाइनमेंट जो एन एच 34 में कानपुर विश्विद्यालय के बगल वाली सड़क से आरंभ होकर मकड़ी खेड़ा, मैनावती मार्ग, गंगा बैराज दाएं बंधे से होता हुआ, एक नया गंगा सेतु बनाकर गंगा नदी को पार करते हुए दाहिने कर्व लेता हुआ शुक्लागंज गंगा सेतु से पहले जुहारी देवी रोड पर निकल रहा है, यहां से आगे मॉल रोड, एक्सप्रेस रोड, मंजुश्री सिनेमा, डिप्टी पड़ाव, जरीब चौकी होता हुआ विजय नगर आकर दाहिने आवास विकास की ओर होता हुआ दलहन अनुसंधान केंद्र के पास निकलकर पुनः राष्ट्रीय राजमार्ग 34 में विश्वविद्यालय के बगल वाली रोड से जुड़ जाएगा।
सर्वे के दौरान पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने कहा कि अधिक से अधिक शहर के क्षेत्र इस मार्ग का उपयोग कर सके,इसको इस तरीके से डिज़ाइन कर लिया जाए और ये भी देख लिया जाए, की इस प्रस्तावित मार्ग का उपयोग करते हुए, एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग की भी कनेक्टिविटी हो जाये।
उन्होंने यह भी कहा कि यह भी सर्वे कर लिया जाए कि इसमें कौन कौनसे वाहन चल सकेंगे जिससे कि यातायात तीव्रगामी बना रहे और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिले।
जिलाधिकारी विशाख ने भी इस योजना को कानपुर शहर की फेस लिफ्टिंग करते हुए अति महत्वपूर्ण माना। उन्होंने कहा कि परियोजना को ऐसा बनाया जाए जिससे कि नीचे सड़क पर भी यातायात सुगमता से चलता रहे,तथा इसके चढ़ने उतरने के ऐसे बिंदु लिए जाए जहाँ से अधिक से अधिक आन्तरिक क्षेत्र के लोग इसका उपयोग कर सके।,
उपाध्यक्ष के डी ए अरविंद सिंह ने कहा कि इसके एलाइनमेंट में देख लिया जाए कि प्राधिकरण की बड़ी योजनाये को भी कनेक्टिविटी मिले।
डॉ राजशेखर का प्रयास है कि कानपुर एक अतिमहत्वपूर्ण नगर है यहाँ भी अन्य महानगरों की भांति इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास हो तथा औद्योगिक विकास को बल मिले।उन्होंने मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग और के डी ए को निर्देशित किया कि 7 दिन के अंदर परियोजना के मार्ग में पड़ने वाली सड़क का सर्वे करके इसका आर.ओ.डब्लू निकल लिया जाए और ये देख लिया जाए की पिलर बनने के बाद नीचे की सड़क पर यातायात संचालित होने के लिए पर्याप्त जगह है या नही है।
डॉ राजशेखर ने नीरज श्रीवास्तव को कहा कि 15 दिन में सभी इनपुट्स को लेकर इसका प्रस्ताव मंत्रालय भेज दिया जाए, उन्होंने ये भी कहा कि इस परियोजना की लागत काफी है लेकिन शहर के लिए इसके महत्व को देखते हुए इसके प्रथम चरण में डी. पी.आर बना ली जाए, इसके बाद इसके वित्त पोषण के लिए मुख्य सचिव स्तर पर बैठक आयोजित की जाएगी। इस परियोजना के लिए शासन स्तर से समिति भी आयुक्त कानपुर मंडल की अध्यक्षता में गठित की गई है।

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