जिला पंचायत सीट से चुनाव जीतीं स्वप्निल वरुण

कानपुर, गिरसी जिला पंचायत सीट से चुनाव जीतीं स्वप्निल वरुण को भारतीय जनता पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित किया है। इसके लिए राजा दिवाकर भी दावेदारी कर रहे थे लेकिन भाजपा नेतृत्व ने स्वप्निल पर दांव खेला है। स्वप्निल वरुण की मां कमल रानी वरुण का निधन पिछले ही वर्ष कोरोना से हुआ था, वह प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थीं।पिछले माह की शुरुआत में जिला पंचायत चुनाव जीतने के बाद से ही स्वप्निल वरुण जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदार हो गई थीं। सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने की वजह से राजा दिवाकर भी दावेदार माने जा रहे थे। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के टिकट के लिए पार्टी के अंदर दोनों के समर्थकों में खासी खींचतान थी। इसे लेकर गुरुवार रात से शुक्रवार शाम तक चली मंथन में लखनऊ से आए प्रभारी विजय बहादुर पाठक कोई निर्णय नहीं ले सके थे तो शुक्रवार को कानपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हस्तक्षेप किया था। उन्होंने प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री से कहा था कि जिताऊ प्रत्याशी को चुनें और जिताकर लाएं। इसके बाद शनिवार सुबह स्वप्निल वरुण को प्रत्याशी घोषित किया गया नामांकन से कुछ घंटे पर पार्टी की तरफ से प्रत्याशी घोषित की गईं स्वप्निल वरुण की मां कमल रानी वरुण ने भी अपना पहला चुनाव स्थानीय निकाय के रूप में पार्षद की सीट पर जीता था। उसके बाद वह सांसद और विधायक भी बनीं। विधायक बनने के बाद वह प्रदेश में कैबिनेट मंत्री भी बनीं थीं। स्वप्निल वरुण ने कहा कि क्षेत्र से पानी की शिकायतें सबसे ज्यादा आ रही हैं। इसलिए सबसे पहले पेयजल की समस्याओं को दूर करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेयजल की समस्या का समाधान निकाल लिया है। उनके मुताबिक अब यह उनकी जिम्मेदारी है कि वह इस कार्य को कितना तेजी से आगे बढ़ा पाती हैं।
वही स्वप्निल वरुण को कानपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रत्यासी घोषित होते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी, व्यापारी नेता संजीव चौहान, अमित सिंह ने हर्ष जताते हुए,मिष्ठान वितरण किया और भाजपा नेतृत्व को धन्यवाद प्रेषित किया।

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