कानपुर नगर l विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भारतीय दलित पैंथर उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में दिनांक 8 दिसंबर 2021 दिन सोमवार स्थान 9/50 D भारतीय दलित पैंथर प्रांतीय कार्यालय मैकरोबर्टगंज कानपुर नगर में छठवां विश्व के सर्वोच्च दल अधिवक्ता में सबसे शिक्षित में शामिल द्वितीय अशोक मानव वादी विश्व के सर्वोत्तम संविधान के शिल्पकार भारत के प्रत्येक वर्ग की महिलाओं को हिंदू कोड बिल के जरिए मुक्ति दिलाने वाले बहुत जनों पिछड़ों को नारकीय जीवन से आजादी दिलाने वाले महान अर्थशास्त्री समाजशास्त्री इतिहासकार और राजनीतिज्ञ भारत रत्न परम पूज्य बोधिसत्व बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर विशाल श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी तादाद में गणमान्य व्यक्तियों का आना हुआ सभी ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की । तदोपरांत बाबासाहेब के कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा समाज को दिशा निर्देश और संविधान की संरचना को विस्तृत रूप से उजागर किया गया। सभी ने एकमत होकर मौजूदा सरकार द्वारा संविधान को खतरे में बताया व सरकार को बेलगाम बताते हुए बाबा साहेब की बात तो करते हैं परंतु उनके विचारों का अनुसरण नहीं करते ।
भारतीय दलित पैंथर के प्रदेश अध्यक्ष धनीराम पैंथर जी ने आए हुए सभी आगंतुकों का स्वागत व अभिनंदन किया व मौजूदा सभी से बाबा साहेब की याद में 2 मिनट का मौन रखते हुए भीम ज्योति यात्रा शुभारंभ की। यात्रा में सभी दो पहिया, चौपहिया वाहन कतारबद्ध होकर नारे लगाते हुए शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए नानाराव पार्क अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर भीम ज्योति यात्रा का समापन किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्व श्री राजाराम वर्मा, विनोद पाल, राजेश टीचर, मास्टर जितेंद्र जी, आर के सिंह यादव (एडवोकेट), अरुण कुशवाहा, राकेश राव, मोहम्मद अंसार, महेश कुशवाहा, तेजप्रताप अंबेडकर, भदंत अमर कीर्ति, राहुल गौतम, उमेश गौतम, बृजेश गौतम, प्रदीप पैंथर, सुरेश गौतम, श्रवण कुमार (बौद्ध महासभा), आर ए गौतम, मनीषा पैंथर, कैप्टन पवन आदर्श, डॉ आनंद, एडवोकेट विजय सागर, आकाश कुमार वर्मा, सौरभ गौतम, सुश्री दीपिका माथुर, कमलेश राठौर, मुन्ना भाई मरियानी, विशाल बाल्मीकि, आशीष यादव, टिंकू, अंजू पैंथर, संदीप पैंथर, श्रवण कुमार, धनीराम पैंथर जी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
