ताकत दिखाने का हुआ भरसक प्रयास
सपाइयों के उत्साह ने बढ़ाया उर्मिला का आत्मबल
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने को लेकर लगाए जा रहे सारे कयासों पर शनिवार को विराम लग गया। जब भाजपा प्रत्यशी घनश्याम अनुरागी के अलावा कांग्रेस व सपा के संयुक्त प्रत्याशी उर्मिला ख़ाबरी ने नामांकन दाखिल कर दिया। सत्ता का निर्विरोध अध्यक्ष बनाने का सपना पहले पायदान पर तो टूट गया। हालांकि अभी नामांकन फार्म की जांच होनी बाकी है। वहां भी सब कुछ ठीक रहा और कोई नाम वापसी नहीं हुई तो फिर चुनाव रोचक हो जाएगा।
शनिवार को सुबह से ही गहमा गहमी का माहौल था। एक ओर प्रशासन के सामने शांति व्यवस्था बनाये रखने की चुनौती थी तो वहीं विपक्ष के सामने नामांकन दाखिल करने की चुनौती। वहीं विपक्ष का रास्ता रोकने की अटकलें लग रही थी। इसी बीच सपा के समर्थन से कांग्रेस प्रत्याशी उर्मिला ख़ाबरी सोनकर ने एक के बाद एक चार सेटों में नामांकन दाखिल किया। सत्ता पक्ष को विपक्ष की एकजुटता का संदेश भी दिया। विपक्ष के नेताओं ने एक स्वर में ये भी कहा कि सत्ता के दबाव में उर्मिला का रास्ता रोकने का प्रयास आगे भी प्रशासन करेगा लेकिन हम लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे, इसके लिए संघर्ष करेंगे, उन्हें माकूल जबाव देंगे। वहीं उर्मिला सोनकर ने कहा कि हर संकट का सामना करेंगे। मैं जिलापंचायत अध्यक्ष बनी तो जिले के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोडूंगी। नामांकन जुलूस में सपा जिलाध्यक्ष नबाव सिंह यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव नारायण मिश्रा, अनुज मिश्रा, राघवेंद्र सिंह भदौरिया आमखेड़ा, सुरेंद्र मौखरी, दीपराज गुर्जर समेत बड़ी संख्या में विभिन्न दलों के लोग मौजूद रहे। दूसरी तरफ भाजपा से घनश्याम अनुरागी ने भी नामांकन दाखिल किया। उनके जुलूस में जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह सेंगर, विधायक गौरी शंकर वर्मा, मूलचंद्र निरंजन, नरेंद्र सिंह जादौन, सांसद भानुप्रताप वर्मा, दिलीप दुवे समेत भाजपा के बड़े नेता मौजूद रहे।
