बांदा गोवंश प्रकरण: एमपी के अधिकारी बोले, ये यूपी के हैं गोवंश, दम घुटने से हुई है सभी की मौत

नरैनी में गोवंश को जिंदा दफनाने के प्रकरण में नया खुलासा हुआ है। एमपी के अधिकारियों ने 18 गायों को पोस्टमार्टम कराया था जिसमें गोवंशीय पशुओं की मौत दम घुटने से बताई जा रही है। इसके साथ ही एमपी के अधिकारियों ने कहा है कि यह हमारे गोवंश नहीं हैं
Thu, 09 Dec 2021
मध्य प्रदेश प्रशासन ने पहाड़ी खेरा जंगल में दफनाई गई 18 गायों का पोस्टमार्टम कराया था। गुरुवार को रिपोर्ट आई, जिसमें गोवंशीय पशुओं की मौत दम घुटने से बताई जा रही है। एमपी के अधिकारियों का कहना है कि उनके यहां सभी गोवंशीय पशुओं में टैग लगा है। जबकि इन गायों में कोई टैग नहीं है। इसलिए यह यूपी के हैं नरैनी से लाकर दफनाए गए हैं।

चार दिसंबर को नरैनी कस्बे के मोतियारी अस्थायी गोशाला और मंडी से करीब ढाई सौ बेसहारा गोवंशीय पशुओं को 11 ट्रकों में लादक सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पहाड़ी खेरा (पन्ना) के जंगल में छोड़ा गया था। एक-एक ट्रक में 25-25 गोवंशीय पशु लादे गए थे। इससे वह रास्ते में ही घायल होकर अधमरे हो गए। इसमें बताते हैं कि नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी और एसडीएम सहित एआरटीओ व पुलिस क्षेत्राधिकारी ट्रकों के आगे-पीछे निगरानी में रहे। वहां पहुंचने के बाद जंगल में गायों को छोड़ा गया। ट्रकों में घायल हुए 50 गोवंशीय पशुओं को अधिकारियों के इशारे पर जेसीबी के जरिए किसानों ने जीवित अवस्था में दफना दिया। गोरक्षा सेवा समिति के पदाधिकारियों को भनक लगी तो नरैनी विधायक राजकरन कबीर के साथ जंगल पहुंच गए। यहां दफनाए तीन पशुओं को निकलवाया तो दो जीवित मिले। इसके बाद इसकी खबर हर जगह फैल गई तो अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। प्रशासन बचाव की मुद्रा में आ गया। हालांकि डीएम की संस्तुति पर ईओ अमर बहादुर सिंह को निलंबित किया गया है, पर अभी कई अधिकारियों पर कार्रवाई के बजाए उन्हें बचाया जा रहा है।

उधर, मध्य प्रदेश के पहाड़ी खेड़ा गांव के राय हनुमान मंदिर के पास जंगल में वहां के प्रशासन ने दफनाए गए 18 बेसहारा गोवंशीय पशुओं को कब्र से निकलवाकर उनका पोस्टमार्टम कराया। बृजपुर (मध्यप्रदेश) चौकी इंचार्ज बखत सिंह ने बताया 18 गोवंशीय का पोस्टमार्टम पन्ना जिले में पशु चिकित्सा अधिकारी डा.चंद्रेश शुक्ला ने किया। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टता इन बेसहारा पशुओं की मरने की वजह डाक्टरों के अनुसार दम घुटना बताया जा रहा है। कहा कि ये गोवंशीय पशुओं को उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद के नरैनी तहसील से चार दिसंबर दिन शनिवार को 11 ट्रकों में लादकर पहाड़ी खेरा के जंगल में छोड़ा गया था। यह जानकारी करीब में मौजूद ढाबा के लोगों के द्वारा दी गई थी, जिस पर मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी तो वहां 18 गोवंशीय पशु मृत अवस्था में पाए गए थे, जिनका हमने अपने अधिकारियों की मौजूदगी में सम्मान के साथ पंचनामा भरकर दफना दिया था। चौकी इंचार्ज ने आगे यह भी बताया जो भी हमारे मध्य प्रदेश के गोवंशीय पशु हैं, प्रत्येक में आइडेंटिफिकेशन नंबर (टैग) पड़ा हुआ है। यह जो 18 गोवंशीय मृत अवस्था में मिले हैं, इन पर कोई भी किसी प्रकार का टोकन नंबर नहीं है।

बांदा डीएम को सौंपेगे रिपोर्ट: पन्ना (मध्य प्रदेश) के पशु चिकित्सा अधिकारी डा. चंद्रेश शुक्ला ने बताया कि पीएम रिपोर्ट हमने बृजपुर थाना मध्य प्रदेश को सौंप दी है। यह रिपोर्ट पुलिस प्रशासन के मार्फत बांदा प्रशासन को सौंपेंगे। यह गोपनीय मामला है। इसकी जानकारी हम उजागर नहीं कर सकते हैं। अभी जब तक रिपोर्ट बांदा प्रशासन को न चली जाए। क्योंकि वह स्वयं पीएम रिपोर्ट के विटनेस हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *