कानपुर : मंडियो के बाहर लागू किये गए मंडी अधिनियम व मंडी शुल्क वापस करने व मंडियो के अंदर 0.25 प्रतिशत मंडी शुल्क लागू करने की मांग को लेकर मंडी सचिव से नौबस्ता मंडी उनके कार्यालय में मिलकर विस्तृत वार्ता करके मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा,मंडी सचिव ने मुख्यमंत्री तक ज्ञापन पहुचाने का आश्वासन दिया,सचिव ने आश्वासन दिया कि किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नही होगा और बताया कि पुराने लाइसेंसी व्यापारियों को बिना पेनाल्टी के लाइसेंस का नवीनीकरण होगा ,11 दिसम्बर से मंडी शुल्क लागू होगा।कलक्टर गंज गल्ला मंडी में दाल ,चावल व गल्ला व्यापारियों ने मंडी शुल्क लागू करने के विरोध में काली पट्टी बांध कर व्यापार किया।
आज उ प्र खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय बाजपेई,कलक्टर गंज उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष आशीष मिश्र ,संयोजक अनुराग जायसवाल,महामंत्री पवन गुप्ता, सत्यप्रकाश गुप्ता,भोला मिश्र, अजय शर्मा,मोहित तिवारी,मनोज द्विवेदी आदि पदाधिकारी मंडियो के बाहर लागू किये गए मंडी अधिनियम व मंडी शुल्क वापस करने व मंडियो के अंदर 0.25 प्रतिशत मंडी शुल्क लागू करने की मांग को लेकर मंडी सचिव सुभाष सिंह से नौबस्ता मंडी उनके कार्यालय में मिलकर विस्तृत वार्ता करके मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
मंडी सचिव सुभाष सिंह ने मुख्यमंत्री तक ज्ञापन पहुचाने का आश्वासन दिया ।
मंडी सचिव ने आश्वासन दिया कि किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नही होगा और यह भी बताया कि जिन व्यापारियों के मंडी लाइसेंस 8 जून 2020 से पहले बने थे और उनका नवीनीकरण नही हुआ है उन पुराने लाइसेंसी व्यापारियों को बिना पेनाल्टी के लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा।
और बताया कि 11 दिसम्बर से मंडी अधिनियम के तहत आने वाली वस्तुओं गल्ला,दलहन दालें, तिलहन,किराना में धनिया,हल्दी,मिर्च,जीरा,सौंफ ,मखाना ,सुपाड़ी ,गुड़,सब्ज़ी फल ,रुई ,लकड़ी आदि की बिक्री पर मंडी शुल्क लागू होगा ।
कलक्टर गंज गल्ला मंडी में दाल ,चावल व गल्ला व्यापारियों ने मंडी शुल्क लागू करने के विरोध में काली पट्टी बांध कर व्यापार किया।
उ प्र खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र द्वारा मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में 10 दिसम्बर 2021 को कृषि कानूनो की वापसी के उपरांत 10 दिसम्बर को मंडियो के बाहर मंडी शुल्क लागू कर दिया गया जो कि कृषि उत्पाद से जुड़े मंडियो के बाहर व्यापार कर रहे गल्ला ,दलहन दालें ,गुड़ ,लकड़ी ,किराना आदि के व्यापारियों के हित मे नही है1
आगे कहा कि देश मे 1 जुलाई 2017 को कई प्रदेश व केंद्रीय टैक्स को समाहित करते हुए जी एस टी लागू होने के बाद मंडी शुल्क का कोई औचित्य नही था और ये मंडी शुल्क कहीं न कही व्यापार में बाधा है ।
यह भी कहा कि प्रदेश में मंडी अधिनियम के तहत 6 आर,9 आर ,गेट पास ,स्टॉक रजिस्टर सहित कई कागज़ात रखने होंगे जो उचित नही है इससे कृषि उत्पादों से जुड़े व्यापारियों को दिक्कत होगी।
सबसे खास बात यह है कि प्रदेश में मंडी शुल्क न लागू रहते हुए जब उत्तर प्रदेश को इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में प्रथम स्थान मिला है तो प्रदेश में मंडियो के बाहर मंडी शुल्क नही लागू होना चाहिए इससे उ प्र की इज़ आफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग भी गिरेगी । मंडियो के बाहर मंडी शुल्क पुनः लागू करने में बहुत समस्याए आएंगी पुनः मंडी समिति व परिषद के सचल दल चलने से व्यापारियों का उत्पीड़न होगा और इससे इंस्पेक्टर राज बढ़ेगा इसलिए कृषि उत्पादों के व्यापार में बाधा मंडियो के बाहर मंडी अधिनियम व मंडी शुल्क वापस लिया जाय ।

2021-12-13
