हनुमानजी ने इसीलिए नहीं जलाया था विभीषण का घर

विभीषण, रावण का छोटा भाई था। जब हनुमानजी, माता सीता को खोजने लंका गए, तब रावण ने हनुमानजी की पूंछ मेंआग प्रज्वलित करवा दी। हनुमानजी ने अपनी जलती पूंछ से पूरी लंका को जला दिया। लेकिन उन्होंने अशोक वाटिका को इसलिए नहीं जलाया क्योंकि वहां माता सीता रहती थीं।विभीषण के घर को हनुमानजी ने इसलिए नहीं जलाया क्योंकि विभीषण के घर केऊपर ‘राम’ नाम अंकित था। इस बात का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में मिलता है। विभीषण के घर के बाहर तुलसी का पौधा लगा हुआ था। और इसके साथ ही भगवान विष्णु के पवित्र चिन्ह जैसे शंख, चक्र, गदा भी बने हुए थे।ऐसा कहा जाता है जब हनुमानजी ने लंका को जला दिया। तब भी लंका की चमकजस की तस थी। इसका कारण था रावण ने शनिदेव को बंदी बना रखा था। शनिदेव को रावण ने अपने सिंहासन के नीचे उल्टा लटका रखा था।जब हनुमानजी ने लंका जलाई तब रावण ने अपना सिंहासन पलट दिया। ऐसे में शनिदेव का मुंह जलती हुई लंका पर पड़ा। लंका को इस हाल में देखते ही लंका काली पड़ गई थी हालांकि इस बात का कोई प्रामाणिक उल्लेख नहीं मिलता लेकिन किंवदंतियों में इस बारे में आज भी कई कथाएं प्रचलित हैं।

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