गांव की पुरानी यादों को याद किया

महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी जन्मभूमि में कदम रखते ही वह भूल गए कि वह देश के प्रथम नागरिक हैं । उन्होंने एयरफोर्स के चॉपर से उतर कर पहले गांव की मिट्टी को अपने माथे पर लगाया।उसके बाद अपने संबोधन में गांव की पुरानी यादों को याद किया । उन्होंने नोनारी गांव में रहने वाले अपने प्रधानाध्यापक शंभू दयाल त्रिपाठी को भी याद किया। उनकी बताई गई सीख को उन्होंने सभी से शेयर किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने गांव परौंख में स्थित प्राथमिक विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक शंभू दयाल त्रिपाठी के बारे में मंच से बताया । उन्होंने उनको याद करते हुए कहा कि आज भी उनके प्रधानाध्यापक की बताई हुई प्रेरणा आज भी मेरी स्मृति में जुड़ी हुई है ।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक शंभू दयाल त्रिपाठी की एक बहुत बड़ी सीख भी सभी को बताई । उन्होंने बताया की उनके प्रधानाध्यापक शंभू दयाल त्रिपाठी ने ही अपने माता पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लेने की सीख भी मुझे दी थी । जो मुझे अभी तक याद है। महामहिम ने नोनारी के एक शाही परिवार को भी याद किया ।

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