आखिर कानपुर की सामूहिक दुष्कर्म पीड़ता किशोरी ने तोड़ा दम, मृत बच्चे को जन्म देने के बाद रुकी सांसे

कानपुर के ककवन क्षेत्र के एक गांव निवासी सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता गर्भवती किशोरी की मंगलवार शाम कानपुर के जच्चा बच्चा अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने जच्चा बच्चा के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा।

बीते अक्टूबर माह में ककवन क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने गांव के लेखपाल समेत चार लोगों पर पंद्रह वर्षीय पुत्री से दुष्कर्म व गर्भवती होने पर बच्चा गिराने का दबाव व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने लेखपाल रंजीत बरवार, करन उर्फ बुढ़ऊ व दो अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने 6 दिसंबर को एक आरोपित करन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पीड़िता के स्वजन आरोपित लेखपाल की भी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। स्वजन ने बताया कि मंगलवार सुबह गर्भवती किशोरी की तबीयत बिगड़ गई। स्वजन किशोरी को उपचार हेतु शिवराजपुर सीएचसी ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने किशोरी को कानपुर जच्चा बच्चा रिफर कर दिया। कानपुर में मृत बच्चे के जन्म के बाद उपचार के दौरान किशोरी की भी मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा। थाना प्रभारी कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता व बच्चे के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

साथी के समर्थन में लेखपालों ने किया था कार्य बहिष्कार:

लेखपाल के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किए जाने पर लेखपाल संघ ने साथी लेखपाल को झूठा फंसाए जाने का आरोप लगाकर कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया था। लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने उच्चाधिकारियो से भी मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। आठ दिन बाद में एसडीएम व तहसीलदार के समझाने के बाद लेखपालों ने कार्य बहिस्कार समाप्त किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *