उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दल चुनाव को लेकर विपक्षी पार्टियों पर भ्रष्टाचार समेत कई आरोप लगा रहे हैं। जहां बीजेपी नेता अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने में लगे हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष भी जन समस्याओं को लेकर सामने आ रहा है। ऐसे में आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक कार्यक्रम के बाद पत्रकार वार्ता करते हुए बीजेपी सरकार और उनके अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जमकर प्रहार किया। उन्होंने बताया कि बीजेपी की आस्था मंदिर में नही बल्कि चंदा चोरी और भ्रस्टाचार में है।विधायको,मेयरों,डीएम,एसडीएम,एसएसपी ने अनुसूचित जातियों की जमीनें खरीद रहे है। बीजेपी नेताओं ने महर्षि रामायण विद्या पीठ ट्रस्ट को अपंजीकृत स्टाम्प पेपर की लिखापढ़ी में जमीनें दान की गई। दान की जमीनों को ट्रस्ट ने बड़े अधिकारियों को बेची डाली। एक व्यक्ति महादेव नाम का है जिसने अधिकारी से शिकायत की है। आयुक्त एमपी अग्रवाल ने चिट्ठी लिखकर उक्त प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे। उसके बाद डीएम अनुज कुमार झा ने चिट्ठी पर जांच का आदेश दिया।
बीजेपी के लोग जमीनें खरीदने में जुटे,डीएम के पिता ने जमीन खरीदी। डीएम बनने के बाद पिता ने धार्मिक नगरी अयोध्या में जमीन खरीदी है। इससे पहले उन्हें कभी अयोध्या धार्मिक नगरी नहीं लगी । ट्रस्ट द्वारा जमीन घोटाला मामले में पीएम से मैं अपील करूंगा की वह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा SIT से जांच कराए। जांच हुई तो करोड़ो के घोटाला सामने आ जायेगा। उक्त मामले में जो लोग भी दोषी है उनको पद से हटाकर जेल भेजा जाए।
