अपने शहर की मेट्रो में बैठने का उनका सपना साकार होगा

आखिरकार कानपुर के लोगों के लिए वह पल आ ही गया, जब अपने शहर की मेट्रो में बैठने का उनका सपना साकार होगा. हालांकि, कानपुर की आम जनता के लिए 29 दिसंबर को सुबह छह बजे से मेट्रो चलाई जाएगी लेकिन इस शहर के बाशिंदे इस बात को लेकर खुश हैं कि उन्हें अपने शहर में कम से कम जीटी रोड और हैलट, मेातीझील के आसपास जाम से जूझना नहीं होगा.
जीहां, मेट्रो के शुभारंभ का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले आइआइटी से गीतानगर तक मेट्रो की सवारी करेंगे और उसके बाद निरालानगर मैदान से इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. पीएम के आगमन को लेकर यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव की अगुवाई में अधिकारी दिनभर तैयारियों में जुटे रहे. आइआइटी मेट्रो स्टेशन को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, वहीं मेट्रो को भी रंग बिरंगे फूलों से सजावट की गई है. पीएम के शुभारंभ के बाद स्कूली बच्चे मेट्रो की सवारी करेंगे और फिर इसे अगले दिन यानी 29 दिसंबर सुबह छह बजे से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. आइआइटी से मोतीझील तक चलने वाली मेट्रो का न्यूनतम किराया 10 और अधिकतम किराया 30 रूपए होगा.
फिलहाल छह ट्रेनों से कानपुर में मेट्रो की शुरूआत होगी. व्यवस्था ऐसी की गई है कि हर 10 मिनट में स्टेशन पर मेट्रो की उपलब्धता हो. कानपुर मेट्रो के लिए टिकट भी टोकन नहीं बल्कि क्यूआर कोड आधारित होंगे. इसके अलावा गो स्मार्ट कार्ड की सुविधा भी यात्रियों के लिए होगी. गो स्मार्ट कार्ड पर यात्रा करने वाले शख्स को 10 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी. स्टेशनों के पहले तल पर यात्रियों को टिकट मिलेगी. कानपुर मेट्रो के शिल्पकार और यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी कुमार केशव का कहना है कि वर्तमान में क्यूआर टिकट ही दिए जाएंगे. उन्होंने मेट्रो को सुरक्षित बताते हुए कहा कि हर वर्ग के लिए यह सुविधाजनक होगा. लोगों को ट्रैफिक जाम में भी नहीं फंसना पड़ेगा.
बता दें कि कानपुर मेट्रो की ट्रेनें ‘रीजेनरेटिव ब्रेकिंग’ तकनीक से लैस होंगी जिससे ट्रेन संचालन में 35 फीसदी तक ऊर्जा की बचत होगी. रीजेनरेटिव ब्रेकिंग प्रणाली की मदद से मेट्रो ट्रेन की ब्रेकिंग प्रक्रिया के जरिए उर्जा का उत्पादन करती है उसे वापस सिस्टम में भेज देती है. इसके जरिए कानपुर की मेट्रो ट्रेने न सिर्फ उर्जा की बचत करेंगी बल्कि इसका उत्पादन भी करेंगी. इसके अलावा स्टेशनों और डिपो पर लगे लिफ्ट भी रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक से ऊर्जा बचाने में सक्षम होंगे. इनमें 34% तक की ऊर्जा दक्षता होगी. ऊर्जा की बचत के लिए सभी मेट्रो परिसरों में 100% एलईडी लाइटिंग होगी. इसके अलावा मेट्रो डिपो और स्टेशनों पर सोलर पैनल लगाने की भी योजना तैयार की गई है l

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