सचेंडी थाना क्षेत्र के धरमंगतपुर गांव के निवासी एक लकड़ी कटाने वाले ठेकेदार ने राष्ट्रीय राजमार्ग के ठीक किनारे स्थित कालेज के परिसर से विद्यालय प्रबंधन की सांठगांठ से विद्यालय परिसर में खड़े नीम तथा शीशम के हरे पेड़ काटकर जनपद के वन विभाग की कार्यप्रणाली पर लगाया सवालिया निशान
ठेकेदार को विद्यालय प्रबंधन द्वारा बेचे गए थे उपरोक्त हरे नीम तथा शीशम के पेड़
उपरोक्त पेड़ों को विद्यालय के संस्थापक सदस्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय सोनेलाल गुप्ता एवं पूर्व ग्राम प्रधान स्वर्गीय बृजराज सिंह द्वारा किया गया था रोपित
अकबरपुर
कानपुर देहात। जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रतिवर्ष शासकीय खजाने से वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं वही जनपद के कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा बिना किसी रोक-टोक के हरे प्रतिबंधित वृक्षों को धन के लालच में बेचकर उनकी धड़ल्ले से कटान कराए जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी कर रखा गया है।
भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक अब से करीब 18 वर्ष पूर्व क्षेत्रीय इंटर कॉलेज फतेहपुर रोशनाई के संस्थापक सदस्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय सोनेलाल गुप्ता तथा वयोवृद्ध स्वर्गीय ब्रजराज सिंह द्वारा विद्यालय के परिसर में नीम तथा शीशम के पौधों को रो पित किया गया था। उपरोक्त पौधे अपना विशाल रूप धारण करके पूर्ण रूप से विकसित हो चुके थे विद्यालय के वर्तमान प्रबंधन तथा विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य द्वारा उपरोक्त नीम तथा शीशम के हरे पेड़ों को धन लोलुपता के चक्कर में सचेंडी थाना क्षेत्र के धर्म अंगद पुर गांव के निवासी एक लकड़ी कटाने वाले ठेकेदार को बेचकर कटवा दिया गया। वन विभाग के सूत्रों की माने तो वन विभाग द्वारा पेड़ों की जारी की गई सूची में नीम के पेड़ को राष्ट्रीय पेड़ का दर्जा मिला हुआ है तथा नीम के पेड़ की कटान को वन विभाग द्वारा जघन्य अपराध माना जाता है। अब सवाल यह उठता है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के ठीक किनारे स्थित उपरोक्त कालेज के परिसर में लकड़ी कटाने वाले ठेकेदार द्वारा कॉलेज के परिसर में खड़े नीम तथा शीशम के पेड़ों पर बिना किसी रोक-टोक के आरा चलाया जाता रहा और जनपद के वन विभाग के अमले उपरोक्त अवैध रूप से की जा रही पेड़ों की कटान से अनभिज्ञ बने रहे।
कॉलेज परिसर में खड़े पेड़ों को काटे जाने से विद्यालय के अन्य सदस्यों में आंतरिक गुस्सा पनपा है उपरोक्त मामले की शिकायत लिखित रूप से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजी गई है।

