मनीष गुप्ता हत्याकांड : बेटे के इन पांच शब्दों ने मीनाक्षी को आत्महत्या करने से रोका

मनीष गुप्ता हत्याकांड : बेटे के इन पांच शब्दों ने मीनाक्षी को आत्महत्या करने से रोका, पति की माैत के बाद किया था प्रयास

कानपुर में बर्रा के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर के होटल में पुलिस की पिटाई से मौत की सूचना पर उनकी पत्नी मीनाक्षी ने आत्महत्या की कोशिश की थी। हत्या के तीन महीने बाद इस घटनाक्रम का पर्दाफाश खुद मीनाक्षी ने किया है, उसने बताया कि वह आत्महत्या कर लेती, लेकिन बेटे अविराज के पांच शब्द कि मम्मा मैं आपका ख्याल रखूंगा, ने उसे इरादा बदलने के लिए विवश कर दिया।

बर्रा तीन निवासी मीनाक्षी ने तीन माह बाद मृत पति मनीष गुप्ता की मौत वाले दिन को याद करते हुए बताया कि 27 सितंबर को मनीष अपने दोस्त हरवीर और प्रदीप के साथ गोरखपुर रामगढ़ ताल गए थे। उस रात 12:12 बजे मनीष को फोन किया तो उन्होंने कहा था कि होटल का ताला खोल रहा हूं। बस 10 मिनट में फोन करता हूं, लेकिन मेरी जिंदगी की वो रात सबसे मनहूस थी, लेकिन उसके बाद फोन नहीं उठा।

कुछ देर बाद लखनऊ निवासी भांजे का दोस्त दुर्गेश का फोन आया कि मामा को पुलिस वाले पीट रहे हैं। उन्हें चोट लग गई है। थोड़ी देर बाद प्रदीप ने काल की। उन्होंने बताया कि मनीष को अस्पताल ले जा रहे हैं। इस सूचना के बाद वह बेटे अविराज, पिता, ससुर व दुर्गेश के साथ कार से गोरखपुर के लिए रवाना हुई। लखनऊ पहुंचते ही प्रदीप का फोन आया कि मनीष नहीं रहे। ये सुनकर उसने चलती कार से कूदने का प्रयास किया। सभी रोकने लगे। तभी बेटे ने कहा कि मम्मा मैं आपका ख्याल रखूंगा। बेटे के इन पांच शब्दों ने उसे रोक लिया।

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