बेटा बनकर पहले जीता विश्वास, फिर हड़प लिया वृद्धा का मकान, खाते से भी उड़ाए सात लाख

उन्नाव l कोरोना काल में एक जालसाज ने बर्रा विश्व बैंक की 75 वर्षीय वृद्धा की बीमारी का फायदा उठाकर पहले उनका विश्वास जीता। उसके बाद बेटा बनकर धोखे से उनका मकान अपने नाम करा लिया। आरोप है कि जालसाज ने बैंक खाते से भी चार बार में सात लाख रुपये निकाल लिए। थाने में सुनवाई न होने पर वृद्धा ने सोमवार को डीसीपी साउथ से गुहार लगाई।

मूलरूप से उन्नाव के बिहार मनिहार निवासी 75 वर्षीय शांती देवी ने बताया कि उनके पति जगन्नाथ कुरील सेना में हवलदार थे। करीब 11 साल पहले जीने से गिरने से उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके कोई बच्चे नहीं थे। पति के निधन के बाद वह अकेली पड़ गई। इस दौरान बर्रा गांव की एक महिला से संपर्क हुआ तो वह घर आने-जाने लगीं। आरोप है कि वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो महिला का बेटा देखरेख करने के बहाने घर पर रहने लगा। बेटा बनकर विश्वास जीता और नशीली टेबलेट खिलाकर फर्जीवाड़ा कर दस्तावेजों में मकान अपने नाम करा लिया। आरोप है कि वह उन्हें नगर निगम ले जाने के बहाने कचहरी ले गया था। यहीं नहीं, जब उसने कुछ दिन पहले घर आकर मकान अपना होने का दावा किया तो रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी। उसके बाद पता चला कि जालसाज ने उनके इंडियन बैंक के खाते से चार बार में सात लाख रुपये निकाल चुका है। पीड़िता ने सोमवार को डीसीपी साउथ से गुहार लगाई है। जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।

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