समाज कल्याण सेवा समिति द्वारा आयोजित लावारिस लाशों के कंधा दान अभियान के पांचवें दिन बौद्ध धर्म अनुयायियों गणमान्य व्यक्तियों की काफी संख्या दर्ज हुई

कानपुर l समाज कल्याण सेवा समिति द्वारा आयोजित लावारिश लाशों को 5 दिवसीय कन्धादान अभियान विगत तेरह वर्षों की भांति इस वर्ष भी आज 5वें व अन्तिम दिन बौद्ध धम्म अनुयायियों व गणमान्य व्यक्तिों ने काफी संख्या दर्ज करायी। कार्यक्रम का प्रारम्भ त्रिर्सण पंचशील से हुआ तदोपरान्त आज कार्यक्रम का आकर्षण यह रहा कि आज लवारिश शव को महिलाओं द्वारा कन्या दिया गया ज्यों ही महिलाओं के कन्धों पर फूल मालाओं से सजी धजी लाश पोस्ट मार्टम हाउस से बाहर निकली उस पर जम कर पुष्प पंखुड़ियों की वर्षा की गयी। कन्धा दान का आकर्षण यह रहा कि लाश को महिलाओं द्वारा कन्धा दिया गया और उपस्थित पुरुषों द्वारा शव पर एक कुन्तल फूलों की पुष्प वर्षा करते रहें। सड़क पर चलते राहगीर थम गये थे। सड़क फूलों से पट गयी। महिलायें अन्जान शव को पूरी निष्ठा व आदर सम्मान के साथ ले जाकर भैरवघाट शवदाह गृह में उसे मुखाग्नि दे दी. यह भारत के इतिहास में पहली घटना है कि किसी महिला समुदाय द्वारा एक अन्जान शव को कन्धों पर ले जाकर उसका दाह संस्कार किया गया। सहगीरों द्वारा समिति के सचिव धनीराम पैंथर जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि कन्यादान के तीसरे दिन सिक्ख समुदाय अधिक संख्या में उपस्थिति उनके सामाजिक चेतना को दर्शाती है। में सभी मानव धर्मी से यह अपील करना चाहता हूँ कि पाँच दिवसीय कन्यादान अभियान के बाद हमारे समिति के 10 कर्मी इस काम को अन्जाम देते हैं। हमारा अनुरोध उन दान दाताओं से है कि इन्हें गोद लेकर इनका हौसला बढ़ाये तथा यह महामानव धर्म कार्य निरन्तर आगे बढ़ता रहे इसके लिये हमें कफन दें बांस दें चादर दें पन्नी दे अगर यह भी नहीं दे सकते हैं तो कम से कम एक दिन लावारिश शव को आकर कन्धा दे। हम आपके सहयोग के सदैव सदैव आभारी रहें। अभी तक 14006 लावारिश लाशों का ससम्मान अन्तिम संस्कार कराया जा चुका है। देश में आयी महामारी के दौरान समिति के द्वारा कोविड-19 ग्रसित 3200 शव का भी ससम्मान अन्तिम संस्कार समिति द्वारा कराया गया है। समिति आपके सहयोग की आभारी है और आप से आशा रखती है कि आगे भी हमें हर प्रकार का सहयोग प्राप्त होता रहेगा। कन्या दानियों में प्रमुख रूप से सर्व श्रीमती सोगा संखवार जिला पंचायत सहय श्रीमती पिंकी चन्डा, श्रीमती मीना वर्मा श्रीमती विनीता बोर्ड, उमिला राजपूत, मनीषा पैंथर सीमाजीत रुक्मणि, मुन्नी दोषी, जगुना विश्वकर्मा, सातिनी, सुलेखा, ऊषा रेखा शकुतका लक्ष्गी चांढनी, कंचन, काफमणि, मालती दीपिका मावा, अनलिम अनीळा, सुगन, शाहजहां महत्त विद्या माहात श्रीमती गुड़िया, पवन गुप्ता प्रेम सिंह कुशवाहा, रमेश लौटचार्य, लाळता प्रसाद आजाद, डा० सुभाष चन्डा, विनोद पाल, एम. बी. गौतम, प्रदीप शाहन, शैलेन्द्र कुमार जे० आतार, राधेश्याम कुमार सुन्दरम, एम. बी. गौतम, पिन्टू ठाकुर, प्रेमी जी लौह, राजेश गौतम, अॅ०. प्रदीप रावत एम. आर. जैसवार, प्रभुदयाल आदिम, राकेश रात, मुकेश राव, सोमेश विषाद जीतू कैमल राम प्रसाद रसिक, हुन्ना कुराल, मो. अंसार सान, मनीष अवस्थी रणधीर सिंह तोमर, राकेश श्रीवास्तव उमेश वैधर अरुण कुशवण चन्ड शेखर भारती. डिम्पल राय, सलेन्ड कुगर लेन प्रताप अम्बेडकर विनय सेन, आशीष गुप्ता, जीतेंड बौद्ध भारत सिट संतोष कुमार पं राज नारायण अनिल पुगार अशरफ अली मुहस्सिर खान, केस पासवान अजय शुक्ला रंजीत निषाद, चन्स निषाद प्रदवि पैंथर सुरेन्ड पैंथर, रोहित, मुकेश, सम्म दिलाकर सोनू तिवारी, रोहित सिंह रविन्ड भूषण (एड.), आतिष, स्याम बागुता कन्हैया भाटिया, राहुल सैनी, नावेद खान जैडसन (ठा) मनीष बौद्ध, नवीन चन्द्र गौतम (एड.), अनुगुन-चावर्ती रमेश शाहव अजरा संखवार, राहुक गौतम, नेश वैथर, प्रेमशंकर जोम आदि लोग उपस्थित रहे।

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