भोगनीपुर कोतवाली के अटवा गांव में बुधवार को मजदूर तारबाबू ने फंदा लगाकर जान दे दी। पत्नी से हुए विवाद के बाद उसने यह कदम उठाया।
अटवा गांव का 29 वर्षीय मजदूर तारबाबू पत्नी सुषमा व बच्चों के साथ अपने माता-पिता से अलग घर पर रहता था। तारबाबू के पिता चंद्रशेखर ने बताया कि मंगलवार को तारबाबू का अपनी पत्नी सुषमा से घर पर विवाद हो गया था। सुषमा ने अपने मायके वालों को बुलाया था और मंगलवार को शाम उनके साथ मायके गजनेर थाना क्षेत्र के दुरौली गांव चली गई थी।
बुधवार सुबह 10 बजे करीब वह पत्नी प्रेमसुधा संग बेटे तारबाबू को देखने उसके घर गए थे। जहां देखा तो शव फंदे पर लटक रहा था। यह देख रोना पीटना मच गया। मां प्रेमसुधा ने आसपास के लोगों को बुलाया, इसके बाद पुलिस बुलाई गई। कोतवाल राजेश कुमार सिंह व देवीपुर चौकी इंचार्ज भूपेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर जाकर फिगर प्रिट्स व अन्य साक्ष्य लिए। कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पिता चंद्रशेखर ने पारिवारिक कलह में जान देने की बात कही है।
