चौबेपुर का बिकरू गांव अब बदल चुका है

चौबेपुर का बिकरू गांव अब बदल चुका है। कभी गैंगस्टर विकास दुबे के आगे मतदान तो दूर सिर उठाकर भी न चल पाने वाले ग्रामीण कुछ कुछ शांति का अहसास कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर यहां अर्धसैनिक बल के जवानों ने बिकरू में रूटमार्च किया तो ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर रोली टीका किया।
बिकरू गांव (Bikru Village) में विधानसभा चुनाव से लेकर पंचायत चुनाव तक गैंगस्टर विकास दुबे की ही तूती बोलती थी। अब विकास के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद माहौल बदल चुका है। यहां अब संगीनों के साए में 2022 विधानसभा होने की बात कही जा रही है। कहा यह भी जा रहा कि मतदान के समय तक अर्धसैनिक बल तैनात रहेगा।
गौरतलब है कि दो जुलाई, 2020 की रात दबिश के दौरान सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गैंगस्टर विकास दुबे व उसके पांच साथियों को एनकाउंटर में मार गिराया था। बिकरू में 20 साल तक गैंगस्टर की मर्जी से ही प्रधान चुने जाते रहे। गांव वाले पंचायत चुनाव में मतदान ही नहीं कर सके थे, लेकिन अब पुलिस की चौपाल भी लगती है। लोग पुलिस के साथ निडर होकर खड़े दिखते हैं।
मंगलवार को विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सीओ बिल्हौर राजेश कुमार व इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय के नेतृत्व में अर्धसैनिक बलों का रूटमार्च बिकरू पहुंचा। यहां गांव की प्रधान मधु कमल ने पुलिस बल का स्वागत किया। गांव के बुजुर्ग पुरूषों व महिलाओं ने अर्धसैनिक बल के जवानों को व पुलिस कर्मियों को माला पहना कर मिठाई बांटी।
गांव वालों ने कहा कि अब बिकरू में सब कुछ ठीक है। वह लोग शांति से जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जिससे गांव की बदनामी का दाग मिट सके। यहां के बाद रूटमार्च दिलीपनगर, विरोहा, चंपतपुर, बसेन आदि अतिसंवेदनशील गांवों में निकाला गया। सीओ बिल्हौर राजेश कुमार ने बताया कि प्रत्येक गांवों के मतदान केंद्रों में व्यवस्था देखी जा रही है। मतदान के दौरान केंद्रीय पुलिस बल की मौजूदगी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *