पतित पावनी माँ गंगा में लगाने से सारे पाप धुल जाते है।यही गंगा स्नान जब मकर संक्रांति के अवसर पर किया जाता है।तो गंगा स्नान से मिलने वाला फल और बढ़ जाता है।इसी मान्यता और विश्वाश के साथ श्रद्धालु माँ गंगा में आस्था की डुबकी लगाते है।
कानपुर के सरसैय्या घाट पर मकर संक्रांति के दिन हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान करने को पहुंचते थे।जिससे घाट के आसपास के दुकानदारों को अच्छी कमाई होने के साथ कर्मकांड कराने वाले पण्डो का भी भला होता था।
लेकिन इस बार कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बिल्कुल कम रही।श्रद्धालुओ का कहना था कि कोविड की वजह से पहले की अपेक्षा इस बार कम लोग आ रहे है।
वंही घाट पर पूजा पाठ कराने वाले पण्डो ने बताया कि मकर संक्रांति महापर्व है।इस दिन श्रद्धालु गंगा स्नान करने के बाद दान करते है।उन्होंने बताया कि सर्दी व कोरोना के चलते इस बार कम श्रद्धालु गंगा स्नान करने आ रहे है।
2022-01-14
