इस्तीफा देने के बाद साइकिल पर सवार हुए विधायक विनय शाक्य

इस्तीफा देने के बाद साइकिल पर सवार हुए विधायक विनय शाक्य, अखिलेश यादव के साथ आए नजर
Fri, 14 Jan 2022
पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा से इस्तीफा देने व सपा में शामिल होने के बाद से ही बिधूना विधायक विनय शाक्य के पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो चली थीं। उनके परिवार में राजनीतिक गहमा गहमी फिलहाल जारी है। इस बीच शुक्रवार को उन्होंने लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व स्वामी प्रसाद के साथ तस्वीर खिंचवाकर इस मुहर लगा दी है। इसके अलावा उनके घर व कार्यालय पर लगा भाजपा का झंडा भी उतर गया।

वर्ष 2017 में बिधूना विधान सभा सीट से चुने गए भाजपा विधायक विनय शाक्य ने प्रदेश अध्यक्ष को सौंपे इस्तीफे में सरकार पर कूटनीतिपरक रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। विधायक के प्रतिनिधि देवेश शाक्य (विनय के छोटे भाई) ने बताया कि प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद वह स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ हो गए थे। विनय ने इशारों में लड़खड़ाती जुबां से कह दिया था कि उनकी निष्ठा ‘स्वामी’ के साथ है। जहां वह रहेंगे, वह भी उनके साथ चलेंगे। राजनीति के इतिहास पर गौर किया जाए तो विनय शाक्य बिधूना से ही 2007 में बसपा से चुनाव लड़कर विधायक रह चुके हैं।

इसके उपरांत बसपा में ही उन्हें एमएलसी बनाकर राज्य मंत्री का दर्जा देकर बाह्य सहायता प्रकोष्ठ का अध्यक्ष उन्हें बनाया गया था। एमएलसी रहते हुए वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव में उनके भाई देवेश शाक्य को बसपा से बिधूना से प्रत्याशी बनाया था। इसमें देवेश की हार हुई थी। वर्ष 2017 में होने वाले चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। स्वामी प्रसाद मौर्य के करीबी होने से उनके भी सपा में जाने की अटकलें तेज हो गई थीं, जो शुक्रवार को खत्म हुई। अब इस सीट पर कौन दावेदार होगा, यह चर्चा गर्म हो गई है।

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