कालपी (जालौन)
इस बात का आपको गुमान होगा कि एक समय था जब भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशी का चाल चरित्र और चेहरा देखकर चयन करती थी उसका मानना था जो व्यक्ति आ रहा है वह नैतिकता के पैमाने पर स्वच्छता के पैमाने पर सामाजिक मूल्यों के पैमाने पर कितना खरा उतरता है उसी चेहरे को देखकर टिकट दिया जाता था। पर अब यह सब कागजों में रह गया है।भारतीय जनता पार्टी एक विशाल राजनीतिक दल के रूप में उभर कर आ गई है अब टिकट देने की सारे पैमाने बदल गए हैं। क्योंकि जब बृक्ष बड़ा हो जाता है उसमें फल आ जाते हैं तो उसे झुकना पड़ता है ठीक इसी तरह भारतीय जनता पार्टी को भी झुकना पड़ता है समझौते करने पढ़ते हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशियों का चयन किया है उसमें जाति और क्षेत्र तथा जिताऊ प्रत्याशी को आधार बनाकर महत्व दिया गया है।
अगर भारतीय जनता पार्टी संघ द्वारा तय किए गए पैमाने के आधार पर टिकट देती है तो 220 कालपी विधानसभा से चाल चरित्र और चेहरा तथा जिताऊ प्रत्याशी को आधार मानकर पूर्व विधायक डॉक्टर अरुण मल्होत्रा इन सारे पैमानों में खरे उतरते हैं।
2002 मैं भारतीय जनता पार्टी को इस विधानसभा से जीत का स्वाद चखाने वाले डॉक्टर अरुण मैहरोत्रा की छवि ईमानदार और विकास पुरुष के रूप में जानी जाती है आज भी क्षेत्र की जनता की पहली पसंद डॉक्टर अरुण मैहरोत्रा ही है।यदि जन सर्वे को आधार मानकर भारतीय जनता पार्टी इस विधानसभा से प्रत्याशी का चयन करती है तो डॉक्टर अरुण मैहरोत्रा के मुकाबले में कोई प्रत्याशी उनके सामने नहीं टिक सकता।
2022-01-17
