अफसरों की लापरवाही का खामियाजा देर रात एक डिलीवरी ब्वॉय को उठाना पड़ा

शहर की सड़कें तो पहले से ही जख्म दे रही हैं लेकिन जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही चरम सीमा पर पहुंच गई है. अफसरों की लापरवाही का खामियाजा देर रात एक डिलीवरी ब्वॉय को उठाना पड़ा. जलकल विभाग की तरफ से लीकेज ठीक करने के लिए खोदे गए गड्ढे को बिना बैरीकेटिंग लगाए छोड़ दिया गया. रात में गड्ढे में पानी भर गया. गडढा न दिखने से डिलीवरी ब्वॉय बाइक समेत उसी में समा गया. यह तो शुक्र था कि उसे तैरना आता था, तो वह निकल आया. सुबह जेसीबी की मदद से गडढे के अंदर फंसी उसकी बाइक को बाहर निकाला गया.
गुजैनी मे पेयजल लाइन लीकेज की वजह से जलकल विभाग वहां पर सड़क पर करीब 20 फुट गड्ढा खुदवाकर वहां पर मरम्मत का कार्य करा रहा है. एक फूड डिलीवरी कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय के पद पर कार्यरत विजय कुमार मौर्या ने बताया कि देर रात वह अंबेडकरनगर से गुजैनी जा रहा था. रात में वह बाइक पर जैसे ही गुजैनी के पास पहुंचा तो सड़क पर पानी भरा था. पानी और सड़क का लेवल एक जैसा होने की वजह से उसे गड्ढा दिखाई नहीं दिया, लिहाजा वह स्पीड में बाइक निकालने लगा. इस बीच अचानक से उसकी बाइक 20 फुट गहरे गड्ढे में चली गई. विजय कुमार मौर्या ने बताया कि बड़ी मुश्किल से गड्ढे से वह तैरकर बाहर आया.
डायल 112 पर फोन पर तुरंत पहुंची पीआरवी, की मदद
जलकल अफसरों के लापरवाह रवैये का शिकार हुए विजय कुमार मौर्या ने इसके बाद डायल 112 पर फोन कर सूचना की. उसका कहना है कि फोन के थोड़ी देर बाद ही पुलिस मौके पर आ गई. डायल 112 के पुलिसकर्मियों ने उसकी मदद की और पास से कपड़े दिलाए. यही नहीं, भीषण ठंड में पूरी तरह भीग चुके डिलीवरी ब्वॉय को सर्दी न लगे, इसके लिए पुलिसकर्मियों ने आग का भी इंतजाम किया और उसे राहत दिलाई.
जलकल विभाग के अफसरों की लापरवाही यह है कि लीकेज के लिए गडढा खोदने के बावजूद मौके पर न तो किसी तरह की बैरीकेडिंग की और न ही कोई संकेतक लगाया. यही वजह रही कि बाइक सवार डिलीवरी ब्वॉय को गडढे का अंदाजा ही नहीं मिला, और वह उसमें जा गिरा. सुबह जेसीबी की मदद से गडढे के अंदर फंसी उसकी बाइक को बाहर निकाला गया l

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