अजय कपूर के विधानसभा जाने की राह आसान नजर आने लगी

कानपुर। ब्राह्मण बाहुल्य किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र में सभी दलों ने ब्राह्मण प्रत्याशियों को उतारकर अजय कपूर के विधानसभा जाने की राह आसान नजर आने लगी है। पिछले विधानसभा चुनाव में मोदी लहर में विधायक महेश त्रिवेदी ने यह सीट अजय से छीनकर अपने नाम कर ली थी। इस बार यह दोनों ही प्रत्याशी एक बार फिर आमने-सामने हैं। विधायक महेश त्रिवेदी योगी और मोदी के सहारे चुनाव मैदान में जोर आजमाईश कर रहे हैं। जबकि अजय कपूर पिछले लगभग दो साल से घर-घर संपर्क अभियान चलाकर क्षेत्र के लोगों से सीधे जुड़ने में कामयाब रहे हैं। जातीय गणित के आधार पर देखा जाय तो यह क्षेत्र हमेशा से ब्राह्मण वोटों के वर्चस्व वाला क्षेत्र माना जाता रहा है। इसलिए प्रमुख विपक्षी दलों सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी ने इस सीट पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतार दिए हैं। सपा ने जहां ममता तिवारी को मैदान में उतारा है वहीं बसपा ने मोहन मिश्रा को तथा आम आदमी पार्टी से विवेक द्विवेदी इस सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि भाजपा से पूर्व विधायक महेश त्रिवेदी हैं जिन्होंने पिछले चुनाव में कांग्रेस के अजय कपूर को पराजित कर किदवई नगर सीट पर भाजपा का झंडा फहराया था। किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र को ब्राह्मण बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र माना जाता है। यहां सर्वाधिक करीब एक लाख 10 हजार ब्राह्मण मतदाता हैं। पूर्व में यह इलाका एशिया की सबसे बड़ी विधानसभा क्षेत्र गोविन्दनगर में ही आता था लेकिन परिसीमन बदलने के बाद गोविन्द नगर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा तीन भागों में बंटा। एक किदवई नगर दूसरा बड़ा हिस्सा गोविन्द नगर विधासभा क्षेत्र में ही रहा तो कुछ हिस्सा परिसीमन में नई गठित महाराजपुर सीट में शामिल हो गया और मुस्लिम बाहुल्य बाबूपुरवा क्षेत्र का बड़ा इलाका छावनी क्षेत्र (कैंट विधानसभा) में शामिल हो गया। नवगठित किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण बाहुल्य इलाका शामिल होने के चलते भाजपा ने यहां से ब्राह्मण को ही मैदान में उतारा। पहले चुनाव में भाजपा ने विवेकशील शुक्ला को कांग्रेस विधायक अजय कपूर के सामने मैदान में उतारा लेकिन वह करीब तीन हजार वोटों से चुनाव हार गये थे। इसके बाद भाजपा ने पिछले चुनाव में कानपुर देहात की राजनीति में सक्रिय पूर्व मंत्री महेश त्रिवेदी को मैदान में उतारा और उन्होंने ब्राह्मण कार्ड खेलकर अजय कपूर को भारी मतों से पराजित किया ।
एक बार फिर इस ब्राह्मण बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने अपने पुराने चेहरे पूर्व विधायक अजय कपूर व भाजपा ने निवर्तमान विधायक महेश त्रिवेदी को ही मैदान में उतारा है। कांग्रेस प्रत्याशी अजय कपूर पिछले पांच साल में कभी बहन फाउंडेशन कभी अन्य संस्था के नाम से कार्य करते रहे और महेश त्रिवेदी विधायक होने के नाते सक्रिय रहे। इस बार सभी प्रमुख दलों सपा से ममता तिवारी, बसपा से मोहन मिश्रा तथा आम आदमी पार्टी से छात्र राजनीति से जुडे नेता विवेक द्विवेदी डल्ली के मैदान में आने के बाद ब्राह्मण वोटों में बंटवारा होने की बात कही जा रही है क्योंकि सभी उम्मीदवारों को अपने-अपने क्षेत्र में प्रभाव है। कोई युवाओं के सहारे मैदान में है तो कोई महिलाओं के सहारे। ऐसे में अजय कपूर की राह आसान होने की चर्चा आम लोगों के बीच शुरू हो गई है। पूर्व में गोविन्दनगर विधानसभा क्षेत्र की सीट को भाजपा की सबसे सुरक्षित सीटों में से एक माना जाता था। इसका एक बड़ा कारण यह भी था कि जब देश में जनता दल की लहर चली थी उस समय भी यहां से भाजपा के उम्मीदवार बालचंद्र मिश्रा ने जीत दर्ज की थी। बालचंद्र मिश्रा की जीत का आधार ब्राह्मण मतदाताओं के अलावा पूर्वांचल का मतदाता भी था जिसकी संख्या इस क्षेत्र में काफी अधिक मानी जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *