कानपुर। चन्द्रशेखर आजाद जनकल्याण समिति द्वारा भारत कोकिला, स्वतन्त्रता सेनानी, पूर्व राज्यपाल सरोजनी नायडू की जयन्ती “राष्ट्रीय महिला दिवस” के रूप में मनाए जाने के अंतर्गत कमला नेहरू पार्क जवाहर नगर में “स्वयंत्रता आंदोलन में नारियों की भूमिका” को लेकर सभा का आयोजन किया गया और कहा गया कि भारत कोकिला सरोजनी नायडू का स्वतन्त्रता आंदोलन में अग्रिम योगदान रहा है वहीं उन्होंने प्रथम राज्यपाल रहकर प्रदेश की नागरिक समस्याओं के निदान में बहुमूल्य योगदान व कार्य किये हैं, आज की महिलाओं के लिए उनके त्यागमयी कार्य उन्हें हर समस्या के समाधान हेतु संघर्ष छेड़ने की प्रेरणा देगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी सर्वेश कुमार पाण्डेय निन्नी ने कहाकि आज ही के दिन 1879 में जन्मीं नायडू ने हैदराबाद का नाम देश में रोशन किया उन्होंने गांधी जी के साथ भारत छोड़ो आंदोलन से लेकर अनेक सत्याग्रह में विशेषरूप से जुड़ी रहीं थीं। वहीं उन्होंने महिला मताधिकार आंदोलन का सूत्रपात्र किया जिससे 5 वर्ष बाद ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर ही मत देने का अधिकार प्रदान किया गया।
निन्नी पाण्डेय ने कहा जहां उन्होंने आजादी दिलाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी उसी प्रकार उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला राज्यपाल बनकर प्रशासनिक अमले में एक अच्छे प्रशासक होने का परिचय दिया। शिक्षा जागृति, मताधिकार, स्वतन्त्रता, समान अधिकार, पर्दाप्रथा, अशिक्षा, दहेज, धार्मिक बन्धन आदि बाधाओं एवं कुरीतियों विरुद्ध जीवन पर्यन्त लड़ती रहीं। आज उन्हीं के जन्मदिन पर मनाया जाने वाला “राष्ट्रीय महिला दिवस” लोगों को याद नहीं है नायडू को कानपुर में 1925 को हुए कांग्रेस के सम्मेलन में अध्यक्ष चुना गया था। समिति उन्हें पूर्ण समर्पित भावना से श्रद्धाजंलि अर्पितकर उनके कार्यों व विचारों को जन जन में बिखेरने का संकल्प लेती है।
कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी राकेन्द्र मोहन तिवारी, अनिल त्रिपाठी, श्यामदेव सिंह, विजय नारायण शुक्ला, शालिनी, कृष्णा बोस, भावना, एकता, विमला चौहान, कमरुद्दीन, तिलक चंद्र, अरविंद शर्मा आदि थे।
2022-02-13
