जूना अखाड़े के महामंडेलश्वर यतीन्द्र नाथ गिरी अपने विवादित बयान पर घिरते जा रहे है,,,उन्होंने लखनऊ में बयान दिया था कि आईएमए ईसाई संगठन है इसे समाप्त करना चाहिए,,,उनके इस बयान को लेकर कानपुर में राष्ट्रपति जी को सम्बोधित ज्ञापन कानपुर जिलाधिकारी को सौपा गया l
दलित पिछड़ा उपेक्षित अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेसिया अध्यक्ष राजेश कुमार गौतम ने ज्ञापन सौपने के बाद बताया कि जूना अखाड़े के महामंडेलश्वर यतीन्द्र नाथ गिरी ने कहा है कि भारत की बन रही नई संसद में नए सविंधान के साथ प्रवेश करना चाहिए,,,यतीन्द्र नाथ गिरी के इस बयान पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा गया कि जो सविंधान बनाया गया था वो अंतिम सविंधान है,,,उसी सविंधान के द्धारा इस देश की न्यायपालिका, संसद और व्यवस्था इसी सविंधान से चलती है,,,यतीन्द्र गिरी का बयान न्यायपालिका के विरोध को दर्शाता है,,,उन्होंने ईसाई समुदाय पर भी टिपण्णी करी है,,,इसलिए उनका इस तरह का बयान राष्ट्रविरोधी है,,,यह देश में अशांति फैलाना चाहते है,,,इसलिए इनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए
