कानपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे कारो बार अभियान ठंडे बस्ते में पहुच गया हैं।पूर्व कमिश्नर ने शहर में खुले में शराब पीने वालों के खिलाफ कारो बार के तहत अभियान की शुरुआत की थी।
अभियान के तहत पूरे शहर भर में खुले में शराब पीने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाता था।जिसके तहत लोगों से ज्यादा भारी जुर्माना एवं खुले में शराब पीने पर कानूनी कार्रवाई की जाती थी पूर्व कमिश्नर के जाने के बाद खुले में शराब पीने वालों की बल्ले बल्ले हो गयी।कुछ महा तक अभियान चलने से शहर की जनता को बहुत राहत मिली थी
ज्यादातर शहर में शाम होते ही चौराहों एवं बाजारों में खुलेआम शराब के जाम छलका करने लगते थे।जिससे आए दिन राह चलते राहगीरों एवं महिलाओं से छेड़खानी छींटाकशी आम बात हो गई थी।मीडिया में आए दिन ऐसी घटनाएं प्रकाशित होने पर कमिश्नर ने अभियान की शुरुआत की थी।जिसके तहत रोजाना शाम होते ही एसपी सहित थानेदार अपने क्षेत्रों में खुले में शराब पीने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती थी।और इस कार्रवाई से जनता को काफी राहत भी मिली लेकिन फिर शहर की हालत जस की तस हो गई है
शाम ढलते ही शहर के मुख्य चौराहा बाजार शराबियों से गुलजार हो जाते हैं और खुले में शराब पीते हैं और स्थानीय पुलिस मुख दर्शक बनी रहती है।सब कुछ देखने के बावजूद भी किसी भी तरह की कोई कार्यवाही नहीं होती।मौजूदा पुलिस कमिश्नर से जनता की अपील है शहर में पुनः खुले में शराब पी रहे शराबियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश संबंधित थाना पुलिस को जारी करे।शाम होते ही चौराहों पर महिलाओं से छींटाकशी आम बात हो चली है।जिसका विरोध करने पर शराबी गाली गलौज लड़ाई झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।अगर इन पर अंकुश नहीं लगा तो कभी भी बड़ी अपराधिक घटना को अंजाम दे सकते हैं खुले में शराब पीते लोग।
2022-02-24
