रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग में हर किसी को अपने उन बच्चों का इंतजार हैं, जो पढ़ाई के लिए वहां गए थे. फ्लाइट्स बंद होने से वह यूक्रेन में अब फंस गए हैं. शासन स्तर पर कंट्रोल रूम तैयार करने के बाद अब कानपुर में भी कंट्रोल रूम तैयार किया गया है. डीएम नेहा शर्मा का कहना है कि इस कंट्रोल में कानपुर के उन लोगों के बारे में जानकारी दी जा सकती है, जो यूक्रेन में फंसे हुए हैं.
रूस की तरफ से जंग छेड़ने के बाद कई भारतीय छात्र यूक्रेन में फंस गए हैं. इसमें कानपुर के भी कई छात्र शामिल हैं. फिलहाल पांच स्टूडेंट्स के बारे में जानकारी मिली है, जो यूक्रेन में फंसे हुए हैं. इन स्टूडेंट्स के माता पिता समेत रिश्तेदार बेहाल हैं. हर कोई इसी प्रार्थना में जुटा है कि उनके बच्चे सकुशल जल्द से जल्द घर वापस लौट आएं. कानपुर के स्टूडेंट्स ने यूक्रेन से अपने रिश्तेदारों को वीडियो कॉल कर वहां के हालात भी दिखाए हैं. यूक्रेन में फंसे यूपी के लोगों और स्टूडेंट्स को लेकर शासन स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के साथ कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. शासन के निर्देश के बाद कानपुर में भी यूक्रेन में फंसे लोगों की मदद को लेकर कंट्रोल रूम तैयार किया गया है. कलेक्ट्रेट बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर इस कंट्रोल रूम को तैयार किया गया है, जो 24 घंटे कार्य करेगा. कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0512—2985500 और 0512—2985501 और मोबाइल नंबर 9889233358 पर कोई भी जानकारी दे सकता है. प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि इन नंबरों पर कानपुर के उन लोगों या फिर स्टूडेंट्स की जानकारी दी जा सकती है, जो यूक्रेन में फंसे हुए हैं l
2022-02-26
