लाखो की तादाद में शिव भक्तों ने बाबा शिव की बारात में आकर लगाई अपनी अपनी हाजिरी

भूत प्रेतोंके साथ निकली शिव बारात

मुख्य चौराहा से होते हुए बाबा शिव की बारात पहुंची मां कुष्मांडा देवी मंदिर प्रांगण

एंकर-एक तरफ जहां संपूर्ण भारतवर्ष आज महाशिवरात्रि का पर्व भारत की अलग-अलग राज्यों में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है वही हम बात करते हैं कानपुर नगर से महज 45 किलोमीटर दूर स्थित घाटमपुर तहसील के कस्बा घाटमपुर जहां भगवान शिव की भूत प्रेतों से सुसज्जित देवताओं से सुसज्जित बारात निकाली जाती है और भगवान शिव की माता कुष्मांडा देवी प्रांगण में शादी की जाती है।

वीओ-घाटमपुर कस्बे में महाशिवरात्रि का पर्व आते हैं पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं और जगह-जगह शिव बारात का स्वागत करने के लिए श्रद्धालुओं के द्वारा प्रसाद व ठंडाई बटवाई जाती ढोल बाजे से सुसज्जित बाबा शिव की इस मन भावन झांकी को देखने के लिए घाटमपुर तहसील के बड़ी तादाद में गांव से लोग आकर बाबा शिव की बारात में शामिल होते हैं बाबा शिव की बारात घाटमपुर चौराहा से शुरू होकर माता कुष्मांडा देवी मंदिर पहुंचती है जहां बाबा शिव की शादी करवाई जाती है इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा अत्यधिक श्रद्धालुओं के आने के लिए प्रशासन ने सुबह से ही रूट डायवर्जन कर दिया था माता कुष्मांडा मंदिर प्रांगण में प्रशासन की उचित सुरक्षा व्यवस्था रही आज महाशिवरात्रि के पर्व में लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने आकर बाबा शिव की बारात में अपनी अपनी हाजिरी दर्ज कराई और बाबा की बारात का लुफ्त उठाया माता कुष्मांडा देवी मंदिर प्रांगण में बाबा शिव की बारात आई वहां पर आय ढोल बाजे वालों ने अपना अपना करतब दिखाया और घोड़े वालों ने अपने अपने घोड़ों का नाच दिखाया उसके पश्चात बाबा शिव की आरती के साथ बाबा शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न कराया गया आपको बताते चलें कि घाटमपुर कस्बे में यह कार्यक्रम पिछले 30 सालों से किया जा रहा है परंतु पिछले कई वर्षों से यह कार्यक्रम भव्य तरीके से किया जाता है और तहसील क्षेत्र से लोग आकर बाबा की बारात में अपनी हाजिरी दर्ज कराते हैंऔर बाबा की बारात का अवलोकन करते हैं नगर पालिका के द्वारा उचित साफ सफाई की व्यवस्था व बाबा की बारात की उचित तैयारियां की गई थी ।

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