कानपुर-झांसी रेलवे लाइन में दोहरीकरण के काम में लगे कार्यदायी संस्था के इलेक्ट्रीशियन की बाइक से जाते समय रेलवे पोल से टक्कर हो गई। इससे उनकी मौत हो गई। स्वजन ने मुआवजा देने की मांग की जिस पर संस्था ने पत्नी के नाम 10 लाख की डीडी बनवाकर देने का आश्वासन दिया। वहीं पुलिस व फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर छानबीन की।
भुन्ना थाना ठठिया कन्नौज निवासी 33 वर्षीय सुरजीत कानपुर-झांसी रेलवे लाइन पर हो रहे दोहरीकरण का काम कर रही कार्यदायी संस्था विष्णुशरन एंड कंपनी में इलेक्ट्रीशियन पद पर काम कर रहे थे। मंगलवार रात करीब 9 बजे पामा रेलवे स्टेशन से लालपुर स्टेशन की तरफ अपनी बाइक से रेलवे लाइन के किनारे से कच्चे रास्ते से जा रहे थे तभी ज्यूनिया गांव की क्रासिग के समीप बाइक गिट्टी फिसलने से अनियंत्रित हो गई और वह रेलवे पोल से जा टकराए। सिर पर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। बुधवार सुबह रेलवे लाइन की पेट्रोलिग करने निकले कीमैन अशोक कुमार ने शव देखा तो जानकारी पुलिस व कार्यदायी संस्था को दी। पास गांव में सुरजीत की रिश्तेदारी होने से काफी संख्या में लोक पहुंच गए। बड़े भाई संजय व छोटा भाई अजीत व पत्नी पूजा घटनास्थल पर पहुंचे और शव देख रोना पीटना मच गया। स्वजन ने शव उठाने से इन्कार करते हुए मुआवजा दिलाने की मांग पुलिस से की। काफी देर के बाद बात बनी और संस्था के सुपरवाइजर अरविद व विकास जैन से फोन पर बात हुई। उन्होंने पत्नी के नाम 10 लाख की डीडी बनवाकर देने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। गजनेर थाना प्रभारी शिवप्रकाश ने बताया कि पोल से टकराने से मौत हुई है।
दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
सुरजीत की दो बेटियां तीन वर्षीय दिव्यांशी व सवा साल की आशी है। दोनों को पता भी नहीं था कि पिता का साया उनके सिर से उठ चुका है। उनकी मां गोद में लेकर रोती रही कि आखिर बच्चों का क्या होगा। किसके सहारे वह रहेगी।

