कानपुर देहात के रूरा में उत्तर मध्य रेलवे महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने स्टेशन में सवा घंटे तक रुक कर नहरपुल व रेल पटरियों का निरीक्षण किया। उनके सवालों से अधिकारियों के पसीने छूट गए। विधायक के साथ ही व्यापार संगठन के व्यापारियों के अलावा अधिवक्ता संघ ने महाप्रबंधक को ज्ञापन देकर कोरोना काल मे बंद ट्रेनों को चालू करने, संगम एक्सप्रेस का ठहराव, अंडरपास व स्टेशन के पश्चिमी साइड में यात्री पैदल पुल सहित अन्य मांगें रखी। इस दौरान डीआरएम भी साथ रहे।
सुबह सवा नौ बजे स्पेशल सैलून से महाप्रबंधक प्रमोद कुमार व डीआरएम प्रयागराज मोहित चंद्रा रूरा रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर नहरपुल की रेल पटरियों का निरीक्षण करने के लिए उतरे। उन्होंने अप ट्रैक पर क्लैप से पटरी को जोड़ने के बजाय वेल्डिग से पटरी जोड़ने में कौन सी प्रक्रिया बेहतर है, इसके लिए वरिष्ठ मंडल अभियंता एसके गुप्ता से प्रश्न किया। इस पर उन्होंने दोनों को बेहतर बताया, इसके बाद उन्होंने दोबारा संबंधित प्रश्न किया तो वह चुप हो गए। वहीं नहरपुल के ऊपर की पटरियों को गहनता से एक एक नट बोल्ट व अन्य पर गहनता से छानबीन कर जिम्मेदारों से जमकर सवाल जवाब किए। इसके बाद पैदल प्लेटफार्म में आकर स्टेशन मास्टर कक्ष का निरीक्षण किया, जिसमें स्टेशन अधीक्षक अशोक कुमार स्टेशन मास्टर राघवेंद्र से ट्रेन संचालन व सिग्नल के बाबत कंप्यूटर स्क्रीन पर जानकारी ली। वहीं यात्री टिकट खिड़की व यात्री पैदल पुल पर खड़े होकर पूरे स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान प्लेटफार्म नंबर तीन चार में उपस्थित विधायक प्रतिभा शुक्ला व भाजपा के जिला महामंत्री व उद्यमी रामजी गुप्ता, व्यापार संगठन के लाभम गुप्ता, कमलेश पांडेय, रविशशि दुबे, अंकित चौरसिया, विवेक ओमर, निशांत सिंह, अधिवक्ता संघ के कमल सिंह गौर व शैलेन्द्र सविता ने कोरोना काल के दौरान से बंद चल रही ट्रेनों को फिर से संचालित करने की मांग रखी। इसके अलावा अंडरपास निर्माण, प्लेटफार्म के पश्चिमी छोर पर यात्री पैदल पुल निर्माण, प्रयागराज जाने के लिए सुबह की संगम एक्सप्रेस का ठहराव दिए जाने संबंधित अलग अलग ज्ञापन दिए गए। जिसपर उन्होंने समस्या समाधान का पूरा प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर यात्री संघ के शिवमंगल सिंह, विपिन सिंह राजावत, ब्रजेंद्र दुबे, प्रमोद शुक्ला, संजय द्विवेदी, रामबाबू, नवनीत शुक्ला सहित अन्य मौजूद रहे।
गिरते बचे महाप्रबंधक
प्लेटफार्म नंबर नंबर दो में पूर्वी छोर की तरफ प्लेटफार्म की उखड़ी चटिया में महाप्रबंधक के पैर की ठोकर लगने से वह गिरते गिरते बचे, गनीमत थी कि कोई चोट नहीं लगी। इस दौरान उन्होंने प्लेटफार्म की चटिया को व्यवस्थित न करने को लेकर नाराजगी जताई और ट्रेन का कोई यात्री इसमें चुटहिल न हो जाए, इसके लिए उन्होंने तत्काल ठीक कराने के साथ ही सभी प्लेटफार्म के समतलीकरण में विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी।
अग्निशमन यंत्र नहीं चला सका कर्मी
निरीक्षण में महाप्रबंधक ने आपात स्थिति में अग्निशमन यंत्र(सिलिडर) को चलाने की प्रक्रिया की के बारे में जानकारी करने के साथ ही स्टेशन कर्मी जितेंद्र से आग लगने पर कैसे बुझाई जाएगी पूछा। इस पर कर्मी अग्निशमन यंत्र को चला नहीं पाया तो एक प्राइवेट व्यक्ति सुरेश ने चलाने के तरीके के बारे में बताया। इस पर उन्होंने जिम्मेदारों से इस बारे में जागरूकता देने व समय समय पर प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई जिससे आपात स्थिति में बिना देरी किए आग पर काबू किया जा सके।
