कानपुर में दादा नगर का नया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) दो जगह धंस गया है। सीटीआइ चौराहे की तरफ उतर रहे पुल के दाहिनी तरफ दो बड़े गढ्डे बन चुके हैं। इसमें फंसकर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, बड़ी बात यह है कि जिस पीडब्ल्यूडी को इसके रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है, उसके अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है। खतरनाक हो चुके इस पुल पर न आवागमन बंद किया गया है और न ही गढ्डों के आसपास बैरिकेडिग हुई है। ऐसे में रोजाना नए पुल से गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों की जान खतरे में है।
दादानगर नया पुल शहर के उत्तरी और दक्षिण हिस्से को आपस में जोड़ता है। यहां से हर रोज लाखों भारी, हल्के एवं दोपहिया वाहन गुजरते हैं। ऐसे में ये गढ्डे कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। जरा सा ध्यान भटकते ही वाहन सवार या राहगीर इसमें फंसकर गिर सकते हैं। पीडब्ल्यूडी पर रखरखाव की जिम्मेदारी, नींद में अफसर l
इस पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय डिवीजन (पीडी) के पास है। हालांकि, पीडी के अफसर और इंजीनियर नींद में हैं। उन्हें अभी तक पुल में गढ्डे की जानकारी तक नहीं है। लापरवाही और निगरानी के अभाव में पुल जर्जर होता जा रहा है। पुल धंसने से बना गड्ढा अंदर से पूरा खोखला है। नवंबर 2013 में शुरू हुआ था यातायात l
दादा नगर क्रासिग पर नए रेलवे ऊपरगामी पुल के निर्माण का जिम्मा शासन ने सेतु निर्माण निगम को दिया था। वर्ष 2011 में 29 करोड़ रुपये दो लेन के आरओबी के लिए स्वीकृत हुए थे। दो वर्ष में पुल बन कर तैयार हुआ था। इस पर नवंबर 2013 में यातायात शुरू हुआ था। इस क्षेत्र के बाशिदों को होगी परेशानी
सीटीआइ, दादा नगर, गुजैनी, दबौली, रतन लाल नगर, बर्रा दो से लेकर बर्रा आठ, गोविद नगर, आंबेडकर नगर, पतरसा, तात्याटोपे नगर, मेहरबान सिंह का पुरवा, विजय, विश्व बैंक। दादा नगर आरओबी का निर्माण कराने के बाद सेतु निर्माण निगम ने पुल पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दिया था। इसके बाद से पुल की मरम्मत एवं रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। सेतु निर्माण निगम से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
– राकेश सिंह, संयुक्त निदेशक, सेतु निर्माण निगम, कानपुर। दादा नगर आरओबी धंसने की जानकारी अभी नहीं है। सुबह इसका पता कराएंगे। पुल की स्थिति के हिसाब से यातायात पर निर्णय लिया जाएगा और मरम्मत कराया जाएगा।
– मुकेश शर्मा, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड।
एक नजर
2011 में दादा नगर पुल हुआ था
स्वीकृत
2013 में नया दादा नगर पुल हुआ तैयार
709 मीटर है पुल की लंबाई
7.5 मीटर चौड़ा है टू-लेन पुल
29 करोड़ रुपये निर्माण में आई लागत अहम है दादा नगर नया पुल
20 हजार से अधिक रोजाना भारी वाहन गुजरते
1.20 लाख से अधिक हल्के वाहन आते-जाते हैं
60 हजार से अधिक दोपहिया, साइकिल व रिक्शा
