होली खेलने के बाद नदी-नहर में 10 डूबे, सात के शव मिले, तीन लापता

कानपुर में होली खेलने के बाद अलग-अलग थाना क्षेत्रों में नदी और नहर में नहाने गए दस लोग डूब गए। हादसे में सात की मौत हो गई। तीन लोगों की तलाश गोताखोरों की टीमें कर रही हैं। हादसे की जानकारी से मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसमें डूबने से सभी की मौत की पुष्टि हुई है। गुजैनी एफ-ब्लॉक निवासी रिटायर्ड दरोगा देवेंद्र सिंह का ठेकेदार बेटा शैलेंद्र प्रताप सिंह (38) शुक्रवार को होली खेलने के बाद दो दोस्तों कौशलेंद्र व पंकज के साथ पनकी थाना क्षेत्र में मर्दनपुर नहर में नहाने गया था।

पंकज कार में बैठा था, तभी शैलेंद्र प्रताप और कौशलेंद्र कार से उतर कर नहर में नहाने चले गए। दोनों गहराई में जाने से डूबने लगे। पंकज ने उन्हें डूबते देखा तो शोर मचा दिया। इस पर कुछ लोगों की मदद से नहर में डंडा डालकर कौशलेंद्र को तो बचा लिया, लेकिन शैलेंद्र प्रताप डूब गया।

सूचना पर पहुंची पत्नी हर्षिता,ऐ दो बच्चे जान्हवी (9), कौस्तुभ (6) का रो-रोकर बुरा हाल रहा। शनिवार को शैलेंद्र प्रताप का शव साढ़ थाना क्षेत्र में नहर में उतराता मिला। वहीं, रतनपुर कॉलोनी निवासी रविशंकर का बेटा ओम सिंह (17) दोस्त हिमालया अपार्टमेंट निवासी नीयत मिश्रा (16) के साथ अर्मापुर नहर में नहाने गया था। जहाँ दोनों नहर में डूब गए।पुलिस ने गोताखोरों की मदद से ओम का शव खोज निकाला। नीयत का कुछ पता नहीं चल सका। ओम 11वीं का छात्र था। सरसौल संवाददाता के अनुसार महाराजपुर के नयाखेड़ा (नागापुर) निवासी रतीराम रैदास का बेटा श्यामसुंदर (25), सीताराम रैदास का बेटा दिनेश (26), जयकरन रैदास की बेटी साक्षी (11) गांव की ही कुमकुम, अरविंद व शिवा के साथ गांव के पास स्थित गंगा तट पर नहाने गए थे।

पैर पिसलने से इनमें से एक युवक डूबने लगा। उसे बचाने में एक एक कर सभी गहराई में चले गए और सभी डूबने लगे। कुमकुम ने शोर मचाया तो गंगा की रेती में खेती करने वाले किसान दौड़ पड़े। लोगों ने कुमकुम, शिवा व अरविंद को कड़ी मशक्कत के बाद नदी से बाहर निकाल लिया।

पुलिस ने गोताखोरों को नदी में उतारा, लेकिन देर शाम तक दिनेश, श्यामसुंदर व साक्षी का कुछ पता नहीं चल सका। बिठूर संवाददाता के अनुसार नौबस्ता यशोदा नगर निवासी सुमित तिवारी (31) ने बीटेक की पढ़ाई की थी। होली खेलने के बाद शुक्रवार दोपहर बाद वह दो दोस्तों विश्वास और अर्जुन के साथ बिठूर में गंगा नहाने गए थे।

लक्ष्मण घाट पर नहाने के दौरान विश्वास गहरे पानी में डूबने लगा। विश्वास को बचाने के लिए सुमित उसके पास पहुंचा। तभी रेती में पैर धंसने से सुमित भी डूबने लगा। तीसरे साथी अर्जुन का शोर सुनकर घाट पर मौजूद लोगों ने विश्वास को तो बचा लिया, लेकिन सुमित नदी में डूब गया।

विश्वास को हैलट में भर्ती कराया गया है। शनिवार को सुमित का शव ब्रह्मावर्त घाट के पास मिल गया। सुमित के पिता विनोद कुमार व मां सुधा की पूर्व में ही मौत हो चुकी थी। ताऊ अशोक ने बताया कि उन्हीं पर सुमित की परवरिश की जिम्मेदारी थी।

मुंह धोने के दौरान डूबा, बचाई जान

जाजमऊ के बाजपेयी नगर निवासी ट्रक चालक पप्पू (24) शराब के नशे में गंगा में मुंह धोने पहुंचा, जहां पैर फिसलते ही गहराई में डूबने लगा। मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने नदी में छलांग लगा कर पप्पू को सकुशल बचा लिया। वहीं, बर्रा मर्दनपुर नहर पुल से भी एक युवक ने नशे की हालत में नहर में छलांग लगा दी, जिसे युवकों ने सकुशल बचा लिया।

गंगा में मिला शव

जाजमऊ क्षेत्र के यूपी लाइन के पास गंगा में शनिवार को एक शव मिला। शव के दाएं हाथ पर ओम गुदा हुआ है। पुलिस ने आशंका जताई है कि होली के दौरान गंगा नहाने के दौरान युवक डूब गया होगा। युवक की उम्र करीब 35 साल बताई गई है।

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