कानपुर जनपद के साढ़ थाना क्षेत्र मे भीतरगांव विकासखंड के उमरी पासीखेड़ा गांव में कटखने बंदरों का आतंक जारी हैं। यहां बीतें दिनों में बंदरों के हमले से दो दर्जन से अधिक ग्रामीण घायल हो चुके हैं। जिन्हें भीतरगांव सीएचसी से प्राथमिक उपचार कर हैलट रेफर कर दिया। फिलहाल बंदरो के हमले से घायल हुए लोगों की हालत सामान्य बताई जा रही हैं।बताते चले कि क्षेत्र के उमरी पासीखेड़ा गांव में बीतें दिनों से बंदरो का आतंक जारी हैं। ग्रामीणों की सूचना पर सोमवार दोपहर पासीखेड़ा गांव मे वन दरोगा शिवानी सिंह के आदेश पर दैनिक वेतन मे काम करने वाले युवक धीरेन्द्र सिंह को बंदर को पकड़ने के लिए भेज दिया गया अंट्रेंड युवक पर बंदरों ने हमला बोल दिया जिससे साथ मे मौजूद दूसरा दैनिक मजदूर भाग खड़ा हुआ जब कि धीरेन्द्र सिंह को बंदरो ने हमला करते हुए गम्भीर घायल कर दिया ग्रामीणों के लाठी डंडा लेकर दौड़ने पर बंदरों ने धीरेन्द्र सिंह को छोड़ा किसी तरह ग्रामीणों की मदद से घायल धीरेन्द्र की जान बच सकी कटखने बंदरो ने वन विभग की टीम पर हमले से साढ़ थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी धीरेन्द्र सिंह पुत्र राज कुमार जो वन विभाग में वाशर पद पर कार्यरत हैं। गम्भीर घायल हो गया। बंदरो ने धीरेन्द्र के जांग व पैर में काटा हैं। ग्रामीणों की मदद से घायल वाशर मैन को भीतरगांव सीएचसी लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर उसे हैलट रेफर कर दिया। परंतु तब तक मौके पर पहुंचे वन विभाग के डिप्टी रेंजर घाटमपुर मूल चंद्र घायल युवक को उसके घर पर जाकर छोड़ दिया जब कि घायल वासर मैन की हालत लगातार खराब होती जा रही है बात करने पर मूल चन्द्र ने बताया वन विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही है। जल्द ही पिजड़े की मदद से जल्द बंदरो को पकड़ा जाएगा। उनसे जब अंट्रेड मजदूर को ऐसे खतरनाक काम पर लगाने की बीत की गयी तो उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया जा सका।
2022-03-22
