रूरा में सिपाहियों पर हमले के बाद गिरफ्तारी के लिए कई थानों की पुलिस लगी है। रविवार देररात तक पुलिस गांव में ही बनी रही और दबिश देती रही। वहीं पुलिस कार्रवाई के डर से पुरुष नदारद हो गए हैं और घरों में केवल महिलाएं व बच्चे ही बचे हैं। पूरे गांव में सड़कों पर सन्नाटा पसरा है।
गांव वालों की चहलकदमी से गुलजार रहने वाली गांव की गलियां सन्नाटे में पसरी पड़ी है। घरों के दरवाजे महिलाएं व बच्चे सड़क की तरफ टकटकी लगाए निहार रहे है कि कहीं पुलिस तो नहीं आ रही है। गांव में घुसते ही गांव की उषा नायक ने बताया कि उसके पति यहां नहीं हैं और बुजुर्ग सास व बच्चों के साथ घर में थी तभी पुलिस आ गई। दहशत में पूरी रात बच्चों समेत भूखे प्यासे बैठकर रात गुजारी है। वहीं पुलिस टीमें भी दबिश को आ रहीं तो लोग सहम जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कुछ लोगों की नादानी से गांव में ऐसा माहौल हो गया है।
