आज कानपुर का बर्थडे है। आज के दिन 1803 में जिला बना था। 1857 की क्रांति के प्रमुख केंद्रों में रहा है। तमाम क्रांतिकारियों ने इस शहर में आना जाना रखा। यहाँ इतनी मिलें थी की इसे ईस्ट का मैनचेस्टर कहा जाता था। कभी उद्योग नगरी रहा शहर अब मिलों का कब्रिस्तान है। सरकार कोई भी रही तगड़ा राजस्व देने वाले इस शहर की सबने उपेक्षा की है। …इतनी उपेक्षा , परेशानियों के बाद भी यहाँ के लोग मस्त मौला हैं और पूरा भौकाल बना के रखते हैं। किसी को भाव नहीं देते। तफ़रीहबाज इतने के ठग्गू के लड्डू कह के सामान बेचते हैं कि ऐसा कोई सगा नहीं जिसको ठगा नहीं । थोड़े भौकाली , इमोशनल ,मस्ती वाले , थोड़े सरफिरे ऐसे हैं कनपुरिये … हैप्पी बर्थडे कानपुर …उम्मीद है मुख्यमंत्री जी इस शहर की तरफ भी ध्यान देंगे जिससे सबने फायदा तो लिया पर उपेक्षा बहुत की। हैप्पी बर्थडे कानपुर।

2022-03-24
