ठगी की रकम बॉलीवुड में खपाई, अकूत संपत्ति बनाई,आधा दर्जन फिल्मों में लगाया पैसा, दो शादियां की, चौंकाने वाला खुलासा
Sun, 27 Mar 2022
नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दुर्गाशरण मिश्रा ने ठगी के करोड़ रुपये बॉलीवुड में खपाए थे। आधा दर्जन फिल्मों में उसने बतौर प्रोड्यूसर बड़ी रकम लगाई। ये खुलासा एसटीएफ की तफ्तीश में हुआ है। इसके अलावा दुर्गाशरण व आरोपी डॉ. राजेश राम ने इस रकम से लखनऊ, रायबरेली, अंबेडकर नगर समेत कई अन्य जगहों पर अकूत संपत्ति बनाई।
एसटीएफ इसकी गहनता से छानबीन कर रही है। एसटीएफ के अफसर के मुताबिक दुर्गाशरण मूलरूप से अंबेडकर नगर का रहने वाला है। मगर वह कहीं पर भी अपना सही पता नहीं बताता था। किसी को लखनऊ तो किसी को सीतापुर तो किसी को कोलकाता बताता था।
जिससे वह कभी पकड़ में न आए। वह स्नातक पास है। करीब डेढ़ दशक से वह फर्जीवाड़ा कर रकम कमा रहा है। डॉ. राजेश राम भी उसके साथ शामिल होकर ठगी को अंजाम देने लगा था। एसटीएफ की पूछताछ में पता चला कि यूपी में ठगी करने के बाद कुछ वर्षों के लिए दुर्गा शरण मुंबई चला गया था। वहां पर बॉलीवुड कनेक्शन बना लिया। उसके बाद आधा दर्जन फिल्मों व कुछ एलबम में बड़ी रकम लगाई।
500 से अधिक लोगों को ठगा
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पांच सौ से अधिक बेरोजगार लोगों से ठगी की। कम से दो से चार लाख रुपये प्रत्येक से वसूला है। पैसे लेने के बाद आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर देते थे। फिर वह दूसरा सिम इस्तेमाल करते थे। शहर दर शहर वह इसी तरह से ठगी कर आगे बढ़ते रहते थे। पुलिस केस दर्ज कर लेती थी लेकिन गंभीरता नहीं दिखाती थी। इसलिए वह आजाद घूमता रहे।
बेरोजगारों को जाल में फंसाता था डॉक्टर
लखनऊ निवासी डॉक्टर राजेश रायबरेली के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में तैनात है। पूछताछ में उसने बताया कि शुरुआत में उसकी प्रैक्टिस अच्छी नहीं चल रही थी। उसी दौरान दुर्गाशरण उससे मिला था। पैसों के लालच में वह गिरोह में शामिल हो गया। उसका मुख्य काम था बेरोजगारों को जाल में फंसाकर दुर्गाशरण से मिलवाना। उसके बाद दुर्गाशरण साजिश के तहत उनसे रकम वसूलता था।
2009 में दोनों गए थे जेल
लखनऊ के नाका थाने में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। तब नाका पुलिस ने 2009 में राजेश व दुर्गाशरण को जेल भेजा था। करीब चार साल तक दोनों जेल में रहे थे। जेल से छूटने के बाद दोनों ने फिर से ठगने का काम शुरू कर दिया था। करीब आठ साल बाद अब वह पकड़ में आए हैं।
ओएफसी के रिटायर्ड कर्मी से ठगे थे 27 लाख
ऑर्डनेंस फैक्टरी के रिटायर्ड कर्मी राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राधेश्याम उपाध्याय भी दुर्गाशरण के जाल में फंस गए थे। उन्हाेंने एफसीआई में बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर 27 लाख रुपये दुर्गाशरण को दिए थे।
ये हुई बरामदगी
– एफसीआई 2020 का फर्जी रिजल्ट (खुद तैयार किया)
– चार फजी ऑफर लेटर
– लखनऊ मेट्रो का फर्जी नियुक्ति पत्र
– एफसीआई मजदूर यूनियन की रसीद बुक
– तमाम फर्जी दस्तावेज
