कानपुर की बहुत बड़ी आबादी इलाज के लिये सरकारी अस्पतालों पर निर्भर है

हमारे शहर कानपुर की बहुत बड़ी आबादी इलाज के लिये सरकारी अस्पतालों पर निर्भर है उन्ही मे से एक डफरिन अस्पताल है जहां निम्न आय वर्ग के साथ साथ मध्यम वर्ग के लोग भी अपना इलाज करवाने आते है जिनमे महिलाओं व गर्भवती महिलाओं की संख्या बहुतायत होती है हमारे संगठन ने इसी माह अस्पताल की सुविधाओं के संदर्भ मे महिलाओं के बीच एक सर्वे किया और हमारे संगठन की महामंत्री अपनी गर्भवती बहू को टीकाकरण करवाने के लिये डफरिन अस्पताल ले कर गई उन्होने स्वयं वहाँ पर बहुत गड़बड़ियां देखीं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का व्यवहार मरीजो व उनके तीमारदारो के साथ बहुत ही आपत्तिजनक है और वहाँ के कर्मचारी मरीजों को अस्पताल के बाहर जाकर टेस्टिंग करवाने की बात कहते है अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टर समय से पहले ही अपनी सीट से उठ जाते है covid की RTPCR टेस्ट के लिये बनायी गई डेस्क पर 11 बजे से टेस्ट शुरु होता है जबकि गर्भवती व अन्य महिलाएं सुबह 8 बजे से ही लाईन मे लग कर परचा बनवा लेती है गर्भवती महिलाओं के बैठने की समुचित व्यवस्था नही है वे बहुत देर तक लाईन मे खडी रहती है बच्चे को जन्म देने आयी महिलाओं को जांच के लिये इधर उधर दौड़ाया जाता है 22, 3,2022 को ही एक प्रसूता ने टेस्टिंग लैब के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया वहां की सफाई मे भी चतुर्थ श्रेणी स्टाफ ने हो हल्ला किया डॉक्टर भी समय पर नही आते है
इन्ही सब समस्याओं के संदर्भ मे हमारे संगठन ने प्रमुख अधीक्षका महोदया जी को ज्ञापन सौंपा और मांग की अस्पताल की सभी अनियमितताओ को जल्द से जल्द कड़ाई के साथ दूर किया जाए जिससे महिलाओं की समस्याओं का समाधान हो सके प्रतिनिधि मंडल मे मुख्य रूप से जिला मंत्री सुधा सिंह,अध्यक्ष नीलम तिवारी उपाध्य्क्ष मालती यादव,रजिया नक़वी,उर्मिला अवस्थी,व संयुक्त मंत्री धनपति यादव व सदस्य नाजनीन,राधा राजपूत,विमला आदि उपस्थित रही।

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