करोड़ो की बेस-कीमती जमीन को धोखे से अपराधी भूमाफिया ने हड़पा,पीड़ित किसान लगा रहा न्याय की गुहार।
कानपुर – एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचारियों और भू माफियाओं पर बुलडोजर चलाते हुए कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ भूमाफिया भी सरकार की कार्रवाइयों से निडर नजर आ रहे हैं इसकी एक बानगी कानपुर शहर के बिधनू ब्लॉक में देखने को मिली जहां एक भू माफिया ने किसान की जमीन पर प्लाटिंग करने के नाम पर एग्रीमेंट कराने के लिए बुलाया और अशिक्षित किसान से एग्रीमेंट की जगह बैनामा पत्र पर सिग्नेचर करा लिए और वह भी करोड़ों की जमीन लाखों रुपए की कीमत में ही हड़प ली। वही किसान को जब उम्मीद के मुताबिक पैसा भी नहीं मिला, तो किसान ने जमीन लेने वाले नारायण से एग्रीमेंट के कागज मांगे मगर नारायण कागज देने में टालमटोल करने लगा। जिसके बाद पीड़ित किसान ने रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर जानकारी की तो उन्हें जानकारी मिली कि उनकी जमीन का एग्रीमेंट नही बल्कि बैनामा करा लिया गया है। जिसके बाद पीड़ित किसान अपने पूरे परिवार के साथ रजिस्ट्रार ऑफिस और कानपुर पुलिस कमिश्नर और कोतवाली थाने में की है और बैनामा रद्द कराने का भी प्रार्थना पत्र भी दिया है।
आपको बताते चलें कि कानपुर के मझावन गढ़ेवा निवासी देश राज अपने चार भाइयो राम नारायण यादव,हाकिम,चरण सिंह के साथ अपने परिवार के साथ संयुक्त रूप से रहते है।सभी ने आपसी सामंजस्य से अपने गाँव की पुस्तैनी खेती की लगभग 6 बीघा जमीन बेचना चाहते थे। इसी दौरान गाँव के रहने वाले मुकेश यादव नाम के युवक ने टीका पुरवा निवासी पुनीत ने मिल कर देशराज यादव से खेत की जमीन बिकवाने की बात करते हुए अपने भरोसे में ले लिया।
जिसके बाद पीड़ित देशराज का आरोप है कि गाँव के रहने वाले मुकेश और पुनीत ने उन्हें किदवई नगर के बी ब्लाक निवासी नारायण सिंह भदौरिया से मिलवाया। जिसके बाद नारायण भदौरिया के घर पर जमीन बेचने सौदा 35 लाख रुपये प्रति बीघा में तय हुआ। जिसके बाद नारायण सिंह भदौरिया ने जमीन का एग्रीमेंट कराने के लिए उन्हें पूरे परिवार समेत बुलाया और एग्रीमेंट की जगह पूरी 6 बीघा जमीन का धोखे से बैनामा करा लिया। जिसके एवज में किसान परिवार को लिखा पढ़ी में 25 लाख रुपये की चेक भी दी और पैसा धीरे धीरे देने की बात की।
मगर किसान देशराज ने जब नारायण सिंह भदौरिया से एग्रीमेंट के दस्तावेज मागे तो उसने देने से मना कर दिया।जिसके बाद किसान ने रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर जानकारी की तो उन्हें इस बारे में पता चला कि उनसे नारायण सिंह भदौरिया ने अपने नाम पर जमीन का बैनामा करा लिया है। जिसके बाद देशराज ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी के खिलाफ कानपुर पुलिस कमिश्नर और कोतवाली थाने में लिखित शिकायत की और बैनामे को रद्द कराने की अपील की है।
वही अपने साथ हुई ठगी के बाद पीड़ित किसान का कहना है कि इसी जमीन से उनका पूरे परिवार का जीवन यापन होता है।ऐसे में नारायण भदौरिया ने उनकी जमीन भी हड़प ली और पैसा भी नही दिया।जिसके बाद अब उनके सामने केवल और केवल आत्महत्या का ही विकल्प बचा है।
ठगी का शिकार करने वाले नारायण सिंह भदौरिया का पूर्व में भी अपराधिक रिकार्ड रहा है। नारायण ने शहर के नौबस्ता में पुलिस अभिरक्षा से पुलिस जीप में बैठे 25 हजार के इनामी बदमाश को भगा दिया था। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिस वक्त नारायण ने इस घटना को अंजाम दिया था उस वक्त वो कानपुर दक्षिण भाजपा जिला मंत्री था।नारायण के इस कृत्य के चलते भाजपा पार्टी से पद विमुक्त करते हुए पार्टी से निष्काषित किया गया था। जिसके बाद पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर को भगाने के मामले में 5 दिन बाद दिल्ली से उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मगर एक बार फिर नारायण सिंह भदौरिया ने किसान की करोड़ो की जमीन को धोखे से अपने नाम करा कर हड़प ली है।
अब देखने वाली बात ये है कि सीएम योगी आदित्यनाथ की 2.0 की सरकार में किसान को न्याय मिल पाता है या नही ?
