सत्येंद्र दुबे हत्याकांड से भी जुड़ रहा कानपुर जलकल महाप्रबंधक के यहां छापा, दस्तावेज ले गई है सीबीआई
Sun, 03 Apr 2022
कानपुर के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) में परियोजना निदेशक रहे सत्येंद्र दुबे हत्याकांड से भी जलकल महाप्रबंधक (जीएम) नीरज गौड़ के आवास पर सीबीआइ के छापे को जोड़ा जा रहा है। गुरुवार शाम को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने जलकल महाप्रबंधक के सरकारी आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान उनसे करीब पांच घंटे पूछताछ हुई थी। टीम कई दस्तावेज साथ ले गई थी। इसके बाद से जलकल महाप्रबंधक दो दिन की छुट्टी पर हैं। वह वर्ष 2008 से 2013 में प्रतिनियुक्ति पर वाराणसी में गया डिवीजन में एनएचएआइ में क्षेत्रीय प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान टोल कंपनी को 30 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचने का भी मामला सामने आया है, जिसमें मुकदमा दर्ज हुआ था।
सूत्रों के मुताबिक, आइआइटी कानपुर से इंजीनियरग की पढ़ाई करने वाले बिहार के सीवान जिले के सत्येंद्र कुमार दुबे एनएचएआइ में परियोजना प्रबंधक के पद पर तैनात थे। इस दौरान स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना में हुए भ्रष्टाचार का उन्होंने राजफाश किया था। 27 नवंबर, 2003 को गया रेलवे स्टेशन के पास उनकी हत्या कर दी गई थी। इसकी जांच सीबीआइ कर रही है। जांच को लेकर आइआइटी के एक पूर्व छात्र ने जन सूचना अधिकार के तहत कार्रवाई के बारे में पूछा तो खलबली मची है। सूत्रों के अनुसार उसके बाद से ही फिर फाइलें पलटी गईं और जांच तेजी से आगे बढ़ी है। महाप्रबंधक छह साल तक गया डिवीजन में कार्यरत रहे। माना जा रहा है कि इसको लेकर ही उनसे पूछताछ की गई है।
