कानपुर देहात की नगर पंचायत रसूलाबाद पर जमीन कब्जे व अवैध खनन का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट लिखकर शटरिग व्यवसायी इंद्रपाल भदौरिया के जान देने के मामले में सोमवार को पुलिस प्रशासन सुबह से ही सतर्क रहा। तालाब खोदाई स्थल पर ही अंतिम संस्कार किया गया और भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं पोस्टमार्टम में जहर की आशंका जताते हुए विसरा सुरक्षित किया गया है। पुलिस ने चेयरमैन के यहां दबिश दी पर वह नहीं मिलीं। नगर पंचायत कर्मी से पूछताछ की गई है।
सुभाष नगर निवासी इंद्रपाल सिंह भदौरिया ने रविवार को अपने बाग की जमीन पर नगर पंचायत के कब्जा कर लेने का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट लिखकर जान दी थी। अवैध खनन पर जबरन तालाब खोदवाने का भी आरोप लगाया था। आक्रोशित स्वजनों ने रसूलाबाद झींझक रोड पर शव रखकर करीब चार घंटे तक जाम लगा दिया था। काफी हंगामे के बाद मामला शांत हुआ था। नगर पंचायत अध्यक्ष राज रानी दिवाकर, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मोइन खान, सपा नेता अकील अहमद पट्टा, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत दिनेश कुमार शुक्ला, वरिष्ठ लिपिक अमित बाबू व आनंद खरे के विरुद्ध आत्महत्या दुष्प्रेरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। सोमवार को सुबह से ही पुलिस प्रशासन सतर्क रहा और पोस्टमार्टम हाउस में एसडीएम अकबरपुर सहित पुलिस बल तैनात रहा। शाम को शव रसूला बाद ले जाया गया तो स्वजन ने तालाब स्थल पर ही अंतिम संस्कार किया। आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन शांत ही रहा। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ एकत्र रही। बेटे अंकुर ने सोमवार को भी आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस नगर पंचायत चेयरमैन के घर गई पर वह नहीं मिली। स्वजन ने भी जानकारी से इन्कार किया। सपा नेता के घर पर भी कोई नहीं मिला। वहीं नगर पंचायत कर्मी आनंद खरे से पूछ ताछ की गई तो उसने जमीन के विषय में जानकारी होने से मना किया। उधर, पोस्टमार्टम में जहर की आशंका से मौत होने का कारण जताते हुए विसरा सुरक्षित किया गया। विसरा रिपोर्ट से मौत का कारण पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगा। थाना प्रभारी प्रमोद शुक्ला ने बताया कि जांच टीम काम कर रही है।
