कानपुर की जज प्रतिभा गौतम हत्याकांड में आरोपी पति मनु अभिषेक राजन को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। मनु की तीसरी जमानत याचिका हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। छह साल से जेल में बंद मनु के अधिवक्ता कन्हैयालाल गुप्ता ने उसे जमानत मिलने की पुष्टि की है।
कानपुर देहात में तैनात रहीं महिला जज प्रतिभा गौतम की लाश नौ अक्तूबर 2016 को उनके सर्किट हाउस स्थित आवास से बरामद हुई थी। दिल्ली में वकालत करने वाले उनके पति मनु अभिषेक राजन ने आत्म हत्या का दावा किया था।
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल को देखकर पुलिस ने प्रतिभा की हत्या के आरोप में मनु को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मनु की सेशन कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी। सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे की जल्द सुनवाई के भी निर्देश दिए थे।
मुकदमे में गवाही पूरी होने के बाद अंतिम बहस शुरू हो गई थी। इस बीच, तत्कालीन अपर जिला जज प्रथम विनोद कुमार सिंह ने मामले को दहेज हत्या का मानकर मनु पर हत्या के साथ दहेज हत्या व दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोप तय करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुकदमा दोबारा लंबित हो गया था।
मनु के अधिवक्ता कन्हैयालाल गुप्ता ने बताया कि दोबारा आरोप तय किए जाने के विरोध में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसके आधार पर मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट में तीसरी बार जमानत याचिका दाखिल कर तर्क रखा गया कि अभियोजन मामले को लंबित कर रहा है।
नई धाराओं में दोबारा आरोप तय होने पर मुकदमे का फैसला आने में काफी वक्त लग सकता है। आरोपी पहले ही छह साल जेल में काट चुका है। जमानत पर छूटने के बाद आरोपी जमानत की शर्तों का पालन करेगा। कन्हैयालाल ने बताया कि हाईकोर्ट ने मनु की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। जल्द ही सेशन कोर्ट में आदेश के साथ जमानतें दाखिल की जाएंगी, जिसके बाद जेल से मनु की रिहाई हो जाएगी।
आदेश की प्रति देखकर तय करेंगे आगे की रणनीति
प्रतिभा गौतम के अधिवक्ता कमलेश पाठक ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति अभी वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुई है। हाईकोर्ट का आदेश पढ़ने के बाद ही जानकारी होगी कि किस आधार पर जमानत याचिका स्वीकार हुई है। इसके बाद ही मुकदमे में आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
